बिधूना (औरैया)। कोतवाली क्षेत्र के कटरा गांव में हैंडपंप से पानी भरने के विवाद में भाइयों में झगड़ा हो गया। नशे में धुत छोटे भाई के अपशब्द कहने से नाराज बड़े भाई ने उस पर सरिया से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इसमें गंभीर रूप से घायल छोटे भाई की मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
कटरा निवासी उमेश कुमार ने बताया कि सोमवार रात करीब नौ बजे उसका बड़ा बेटा सनोज घर के बाहर लगे सरकारी हैंडपंप पर नहा रहा था। इसी बीच छोटा बेटा प्रमेश वहां पहुंच गया। पानी भरने को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई। नशे में प्रमेश ने बड़े भाई सनोज को अपशब्द कहे। इससे नाराज होकर सनोज ने उसे धक्का दे दिया तो प्रमेश हमलावर हो गया।
इससे गुस्से में आगबबूला सनोज घर से सरिया ले आया और प्रमेश पर कई वार कर दिए। हमले में वह बुरी तरह घायल हो गया। परिजन प्रमेश को गंभीर हालत में बिधूना स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के छोटे भाई अनुज कुमार ने बड़े भाई सनोज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी घटना के बाद फरार हो गया था। उसे भिखरा गांव के पास से गिरफ्तार किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पत्नी की मौत के बाद से बेसुध रहता था प्रमेश
बिधूना। कोतवाली क्षेत्र के कटरा गांव में उमेश के हंसते खेलते परिवार पर अचानक गमों का पहाड़ टूट पड़ा। उसने बताया कि छह दिन पहले ही प्रमेश की पत्नी सुषमा का बीमारी के कारण निधन हो गया था। प्रमेश पत्नी की मौत के बाद से बदहवास रहता था। सोमवार रात अचानक उसने शराब पी और बड़े भाई से भिड़ गया। जरा सी बात ने प्रमेश को भी हमसे छीन लिया। बहू और बेटे की मौत के बाद से पूरा परिवार सदमे में है।
वहीं मामूली सी बात पर भाई ने भाई की जान ले ली, यह बात ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही है। सोमवार को पुलिस टीम जांच के लिए पहुंची। परिजन भले ही इस घटना में शराब के नशे में हुआ विवाद बता रहे हों, लेकिन पड़ोसी और गांव के कुछ लोग अलग ही चर्चा करते दिखे। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि भाइयों के बीच कुछ दिन से मनमुटाव चल रहा था। पत्नी की मौत के बाद प्रमेश शराब पीने लगा था।
लॉकडाउन में लुधियाना से आया था गांव
प्रमेश की हंसती खेलती जिंदगी में किसी की नजर सी लग गई। पिछले वर्ष लॉकडाउन शुरू होते ही घर के हालात बिगड़ते देख प्रमेश पत्नी सुषमा के साथ गांव कटरा आ गया था। दोनों के कोई संतान न होने पर वह मां-बाप के साथ रहकर उनकी सेवा कर रहे थे। मां राममूर्ति ने बताया कि बहू बीमार रहती थी। लुधियाना में गन्ने का रस बेचकर प्रमेश ने पत्नी का इलाज कराया करता था। गांव आने के बाद वह पिता के साथ मिलकर खेती कर रहा था।