शरदोत्सव प्रदर्शनी में शनिवार रात जवाबी कव्वाली में बनारस की रुखसाना बानो व कानपुर के शरीफ परवाज के बीच मुकाबला हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी शुक्ला व विशिष्ठ अतिथि पार्षद बाबूपुरवा कानपुर इरफान खां ने किया। संचालन युवा कवि अजय शुक्ला ने किया।
मुख्य अतिथि लालजी शुक्ला ने कहा कि संगीत से लोगों का मानसिक व बौद्धिक विकास होता है। पालिका भविष्य में लोगों के मनोरंजन के लिहाज से कार्यक्रम कराने पर ध्यान देगी।
विशिष्ट अतिथि पार्षद इरफान ने नगर पालिका परिषद की शरदोत्सव प्रदर्शनी की तारीफ करते हुए कहा कि इस प्रकार के मनोरंजन भरे कार्यक्रमों से आपस में भाईचारे की भावना पनपती है।
कानपुर के शरीफ परवाज ने कव्वाली- ख्वाजा का रोजा नगीना लगता है, भारत में अजमेर मदीना लगता है। वहीं बहारों फूल बरसाओ मेरा दामाद आया है... के जवाब में रखसाना बानो ने- मैं मायके चली जाऊंगी तुम देखते रहियो व होली के साथ जो मनाए ईद, ऐसा खानदान चाहते हैं, जिसमें नफरत का कोई नाम न हो ऐसा हिंदुस्तान चाहते हैं।
इसी प्रकार कब्बाल शरीफ परवाज ने- मेरी जान कुछ तो बोलो, दरवज्जा दिल का खोलो इसके जवाब में रुखसाना बानो ने सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा... पढ़कर हिंदु मुस्लिम के भाईचारे का प्रतीक बताया। इस मौके पर सभासद नरेंद्र तोमर, बबलू बाजपेई, रामू पेंटर, श्रीमती कमरुल निशा, हरिओम शर्मा, रघुनंदन निषाद आदि मौजूद रहे।