बिधूना(औरैया)। गपचारियापुर के पास रामगंगा नहर की खांदी रविवार रात कट गई। इससे किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई। खेतों में पानी भरने से धान की नर्सरी के साथ ही मूंगफली की फसल बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर विभाग के अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी पानी बंद नहीं कराया गया। इससे पानी तेजी से कन्नौज सीमा के गांवों की ओर बढ़ रहा है।
रामगंगा नहर में रविवार रात खांदी कट गई। नहर का पानी गपचारियापुर, कुआपुर्वा, सबहद, कटरा बट्टा गांव के किनारे किसानों के खेतों में घुस गया। सोमवार सुबह जब किसानों को जानकारी हुई, तब तक उनकी फसलें और धान की बेल पानी में डूब चुकी थी। किसानों ने नहर विभाग के अधिकारियों को खांदी कटने की जानकारी दी। लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। किसानों ने डीएम सुनील कुमार वर्मा को स्थिति से अवगत कराया। किसानों का कहना है कि नहर विभाग बांध चेक नहीं कराता है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
कन्नौज सीमा तक पहुंचा पानी
रामगंगा नहर के कुलावा की खांदी कटने से कन्नौज सीमा के गांव रौंसा तक पानी पहुंच गया है। इसकी जानकारी होने पर वहां के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। किसानों ने पानी का बहाव कम न होने और पानी न रुकने पर बिधूना के बंथरा, मढ़ामाची, चकरपुर आदि गांवों तक पानी पहुंचने का आशंका जताई है।
किसानों ने बताई समस्या
किसान जबर सिंह का कहना है कि खांदी कटने से फसल बर्बाद हुई है। इसमें नहर विभाग के अधिकारियों की लापरवाही है। सोमवार सुबह सूचना देने के बाद भी अधिकारी खांदी बंद कराने नहीं पहुंचे। इसके पहले भी खांदी कटने से किसान नुकसान उठा चुके हैं।
किसान लाल सिंह के मुताबिक खेतों में पानी भरने से धान की नर्सरी बर्बाद हो गई है। अब मूंगफली की बेल भी सड़ कर खराब हो जाएगी। इस महंगाई में उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।