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Auraiya News: फर्जी कागजात से केसीसी बनवा बैंक को लगाया 45 लाख का चूना

Sat, 23 Dec 2023 11:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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दिबियापुर। थाना क्षेत्र के ककोर स्थित बड़ौदा यूपी बैंक (पूर्वांचल बैंक) शाखा में खेत के फर्जी कागजात लगा 21 लोगों ने केसीसी लोन कराया। मामले में बैंक की ओर से की गई विभागीय जांच में कागजात फर्जी पाए गए। 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस की ओर से मामले में किनारा करने पर बैंक शाखा प्रबंधक ने कोर्ट की शरण ली। जहां से जारी हुए आदेश बाद दिबियापुर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया।
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बड़ौदा यूपी बैंक (पूर्वांचल बैंक) ककोर के शाखा प्रबंधक दीपक कुमार की ओर से दी गई तहरीर में बताया कि नामजद लोगों ने फर्जी कागजात के आधार पर बैंक कर्मियों को गुमराह करते हुए मई 2016 से मार्च 2017 के बीच केसीसी लोन कराया। जिसमें आरोपियों ने 45 लाख रुपये का बैंक को चूना लगाकर अदायगी से किनारा कर लिया।। मामला दिसंबर 2019 में सबसे पहले पकड़ा गया। इस पर बैंक प्रशासन ने थाना पुलिस से लेकर तत्कालीन एसपी को शिकायती पत्र दिया था। आरोप है कि मामले में पुलिस की ओर से किनारा कर लिए जाने पर। बैंक प्रबंधन ने फिर से 21 जून 2023 को एसपी को शिकायती पत्र दिया गया। बावजूद पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने कोर्ट की शरण ली। इसमें सभी 21 आरोपियों की ओर से धोखाधड़ी करते हुए गबन करने का मामला सामने आया। कोर्ट के आदेश पर दिबियापुर थाने में दर्ज हुए मुकदमे में आमपुर निवासी मजबूत सिंह, रामप्यारी, गुलाबपुर निवासी अजय पाल, गोविंद सिंह, लखनपुर निवासी रतन सिंह, रमायनश्री, भारत सिंह, लखनपुर निवासी सीताराम, संतोष कुमार, गुलाबपुर निवासी जयरानी, बनवारीलाल, उल्फत सिंह, आमपुर निवासी रामशंकर, उमाकांत, पुष्पा देवी, पीपरपुर निवासी शील कुमार, सीहापुर निवासी हरगोविंद, श्यामू, दरबारी लाल, खजुआ निवासी प्रभु दयाल शामिल रहे। दिबियापुर थानाध्यक्ष मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा 21 नामजद लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है।
बड़ौदा यूपी बैंक (पूर्वांचल बैंक) ककोर के शाखा प्रबंधक दीपक कुमार की ओर से दी गई तहरीर में बताया कि नामजद लोगों ने फर्जी कागजात के आधार पर बैंक कर्मियों को गुमराह करते हुए मई 2016 से मार्च 2017 के बीच केसीसी लोन कराया। जिसमें आरोपियों ने 45 लाख रुपये का बैंक को चूना लगाकर अदायगी से किनारा कर लिया।। मामला दिसंबर 2019 में सबसे पहले पकड़ा गया। इस पर बैंक प्रशासन ने थाना पुलिस से लेकर तत्कालीन एसपी को शिकायती पत्र दिया था। आरोप है कि मामले में पुलिस की ओर से किनारा कर लिए जाने पर। बैंक प्रबंधन ने फिर से 21 जून 2023 को एसपी को शिकायती पत्र दिया गया। बावजूद पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने कोर्ट की शरण ली। इसमें सभी 21 आरोपियों की ओर से धोखाधड़ी करते हुए गबन करने का मामला सामने आया। कोर्ट के आदेश पर दिबियापुर थाने में दर्ज हुए मुकदमे में आमपुर निवासी मजबूत सिंह, रामप्यारी, गुलाबपुर निवासी अजय पाल, गोविंद सिंह, लखनपुर निवासी रतन सिंह, रमायनश्री, भारत सिंह, लखनपुर निवासी सीताराम, संतोष कुमार, गुलाबपुर निवासी जयरानी, बनवारीलाल, उल्फत सिंह, आमपुर निवासी रामशंकर, उमाकांत, पुष्पा देवी, पीपरपुर निवासी शील कुमार, सीहापुर निवासी हरगोविंद, श्यामू, दरबारी लाल, खजुआ निवासी प्रभु दयाल शामिल रहे। दिबियापुर थानाध्यक्ष मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा 21 नामजद लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है।
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