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आओ मन को रंग लें, शामें गुलाल में

Fri, 25 Mar 2016 11:38 PM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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कार्यक्रम में काव्य पाठ करती कवियित्री शिखा मिश्रा व मंच पर उपस्थित गणमान्य लोग - फोटो : amar ujala beuro
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शहर के जानकी वाटिका गेस्ट हाउस में हुए होली मिलन में शुक्रवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने अपने काव्य पाठ से अबीर-गुलाल उड़ाया। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।
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कार्यक्रम की शुरुआत कवि डा. गोविंद द्विवेदी ने मां सरस्वती के आह्वान से किया। इस दौरान कानपुर की कवियित्री शिखा मिश्रा ने पढ़ा कि आओ होली आ गई फिर एक साल में, मस्ती सजा के लाई हैं धरती के थाल में। पहचान अपनी भूलकर सब मिलते हैं शिखा, आओ मन को रंग लें शामे गुलाल में... सुनाकर समां बांध दिया। उन्होंने गजल ‘कैसे हम खुद ही भुला खुद को मिटाने देंगे, हम तुझे दिल से कहीं दूर न जाने देंगे’ सुनाकर वाहवाही लूटी। टूंडला से आए लटूरी लट्ठ ने अपनी हास्य कविताओं से सभी को लोट-पोट कर दिया। कार्यक्रम में अयाज भाई अयाज ने पढ़ा कि नींद आंखों से ले गए तुम, ऐसे आंखों की हसरत हो तुम...।

मंजुल मयंक दुबे, रामस्वरुप दीक्षित, राजकुमार शुक्ल, अनिरुद्ध त्रिपाठी, मिथलेश दुबे, हैप्पी श्रीवास्तव ने भी अपनी रचनाएं व गीत सुनाकर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तिलक महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा. राजेंद्र शुक्ला ने की। मुख्य अतिथि के रुप में डा.पीएन शुक्ला व विशिष्ट अतिथि के रुप में राधेश्याम शुक्ला, लालजी शुक्ला व ब्लाक प्रमुख सौरभ भूषण शर्मा मौजूद रहे। इस अवसर पर धर्मेश दुबे, सुशील गुप्ता, आनंद कुशवाहा, ब्रजेंद्र गुप्ता, अनुराग अग्रवाल,  आनंद नाथ गुप्ता, रानू अवस्थी, नीलू चौधरी, गजेंद्र सिंह सेंगर, पुष्पक शुक्ला, विवेक पोरवाल, आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कवि अजय शुक्ला अंजाम ने किया।
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