अछल्दा में रविवार को कैफियात एक्सप्रेस गुजरते ही पटरी चटक गई। पटरी चटकते ही आटोमैटिक सिग्नल लाल हो गया। इससे दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस रुक गई। राजधानी के चालक ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी तो हड़कंप मचा। आनन फानन रेलवे कर्मियों ने पटरी दुरुस्त करने का काम शुरू किया।
अछल्दा रेलवे स्टेशन के पास कैफियात हादसा हुए तीन महीने ही बीते कि एक बार फिर कैफियात एक्सप्रेस दुर्घटना ग्रस्त होते-होते बच गई। गनीमत यह रही कि ट्रेन के गुजरने के बाद पटरी चटकी। इसका पता तब चला जब रेलवे ने ट्रेन निकलने की टाइमिंग व सिग्नल रेड होने की टाइमिंग चेक की। दोनों में सिर्फ दो मिनट का अंतर था। आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।
रविवार की सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियात एक्सप्रेस खंभा नंबर 1113/15 व 1113/13 के बीच गुजरी और 5:32 पर ट्रेन स्टेशन से छूट गई थी। खंभा नंबर 1113/15 व 1113/13 के बीच पटरी चटक गई और आटोमैटिक सिग्नल लाल हो गया था। सिग्नल 5:32 पर लाल हुआ। उधर, हावड़ा से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस आ रही थी। सिग्नल लाल होने की वजह से वह रुक गई। राजधानी के चालक ने स्टेशन मास्टर आशुतोष कुमार को सिग्नल लाल होने की जानकारी दी।
सूचना पर 5:40 मिनट पर सिग्नल स्टाफ संजीव कुमार व ईएसएम राहुल कुमार, प्रमोद कुमार, जेपी नारायन मौके पर पहुंच गए और सिग्नल की जांच की लेकिन सिग्नल में कोई खामी नहीं मिली। इसके बाद ट्रैक चेक किया गया तो ट्रैक चटका हुआ था। सूचना के बाद कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और प्लेट लगाकर ट्रैक को सही किया। आधे घंटे बाद राजधानी को धीमी गति से गुजार दिया गया। इसके पीछे डिब्रूगढ़ से दिल्ली को जाने वाली राजधानी भी खड़ी रही। स्टेशन मास्टर आशुतोष कुमार ने बताया राजधानी चालक की सूचना के बाद ट्रैक की जांच की गई। जिस पर ट्रैक में फ्रैक्चर मिला।
ब्लाक लेकर बदला गया चटका हुआ ट्रैक
चटके ट्रैक में प्लेट लगाकर यातायात चालू कर दिया गया था। इसके बाद सुबह 11 बजे कर्मचारिओं के पहुंचने के बाद ट्रैक का फिर मरम्मत कार्य शुरू हुआ। चटके हुए ट्रैक को बदलने के लिए 12 बजकर 15 मिनट से 12 बजकर 45 तक का काशन लिया गया। इस बीच सभी ट्रेनों को रोक दिया गया।