अजीतमल। पिछले हफ्ते यमुना में आई बाढ़ तो खत्म हो गई, लेकिन अब बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं। सबसे ज्यादा मरीज खुजली व चर्म रोग के निकल रहे हैं।
तीन दिन में संक्रमण का शिकार हुए लोगों की संख्या साढ़े पांच सौ तक पहुंच गई है। हालांकि डॉक्टर मरीजों की जांच व दवा वितरण कर रहे हैं।
यमुना की बाढ़ से बड़ेरा, गौहानीकलां, नखतपुर, ततारपुर कलां, सड़रापुर, सिकरोड़ी, बंसियापुर, असेवटा, फरिहा, सिखरना, मिश्रपुर मानिकचंद्र, गौहानी खुर्द, बबाइन, गूंज ,पहाड़पुर, असेवा, जुहीखा, बीझलपुर, बरदौली व भूरेपुर कलां मुस्तकिल आदि में पानी भरा रहा। वहीं सिकरोड़ी, बड़ेरा, गौहानी कलां, असेवटा, फरिहा, सिखरना, गूंज आदि में पानी गांवों तक पहुंचने से लोगों को ज्यादा परेशानी रही।
अब बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर चुका है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रमण का खतरा बढ़ा है। बाढ़ से ज्यादा प्रभावित सिकरोड़ी, बड़ेरा, गौहानी कलां व जाजपुर आदि में लगातार बीमारियां फैल रहीं हैं। इसके लिए सीएचसी अजीतमल से चार टीमें प्रभावित गांवों में रवाना की गई हैं।
एक टीम में डाॅ. शिवमोहन वर्मा व प्रेमनारायण, दूसरी टीम में डाॅ. अली अहमद व अमित कुमार, तीसरी टीम में डाॅ. जितेंद्र गौतम व कुलदीप और चौथी टीम में डॉ. विश्वजीत पाल व डाॅ. दिलीप जोशी हैं। इनके द्वारा क्षेत्र में शिविर लगाकर मरीजों को दवा दी जा रही है। 536 मरीजों में 223 मरीज खुजली व चर्म रोग के मिले हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक राय ने बताया कि सबसे ज्यादा रोगी चर्म रोग व खुजली के निकल रहे हैं। बाढ़ क्षेत्र के प्रधानों को ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध करा दिया गया है। इसका छिड़काव गांव में कराया जा रहा है।