शहर में जाम लगना आम बात है, एक दिन में तीन-चार बार जाम के झाम में शहरवासियों का फंसना आम बात है। सुबह हो या दोपहर या फिर शाम लोगों को जाम में घंटों फंसना अब मामूली बात है। यातायात व्यवस्था दुरुस्त न होना लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। पेश है यातायात व्यवस्था की पोल खोलती अमर उजाला की रिपोर्ट...
यहां नहीं चलता है नियम-कायदा - यातायात व्यवस्था दुरुस्त न होने से नो इंट्री के बावजूद बड़े वाहन शहर में प्रवेश कर जाते हैं। बड़े वाहनों के शहर के प्रवेश करते ही सुभाष चौराहे से लेकर दिबियापुर रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। लोगों को घंटों तक जाम से जूझना पड़ता है।
रोक सको तो रोक लो- शहर के बाजाराें का आलम ही निराला है। जिस व्यक्ति का जहां पर मन हुआ, वह वहीं पर अपनी बाइक व कार खड़ी कर सामान खरीदने लगता है। चाहे इस वाहन के पीछे कितना ही जाम क्यों न लगे। लोग घंटों परेशान हो जाते हैं और मजबूरी में किसी दूसरे रास्ते से निकलकर गंतव्य को जाते हैं।