बैंक सेवा केंद्र संचालक पर एलडीएम कार्यालय की ओर से विभागीय कार्रवाई पूरी करने के बाद अब सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के मामले में सभी की निगाहें सीडीओ कार्यालय की ओर उठ गईं हैं। खातेदारों को बिना सूचना दिए खातों में सरकारी धन हस्तांतरण की करतूत किस विभाग की है, इसको लेकर सरकारी विभागों के अभिलेख खंगालने शुरू कर दिए हैं।
ऐरवाकटरा ब्लाक के प्रधान पति उमरेड़ी विनीत यादव की शिकायत पर अग्रणी जिला प्रबंधक दूधनाथ की ओर से की गत् 11 अप्रैल की जांच में खातेदारों को गुमराह कर बैंक सेवा केंद्र उमरेड़ी से 5.4 लाख रुपये सरकारी धनराशि निकाले जाने का मामला प्रकाश में आया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एलडीएम ने सरकारी धन के दुरुपयोग के इस मामले में केंद्र संचालक सतीश चंद्र दीक्षित को दोषी करार दिया था।
एलडीएम कार्यालय की ओर से बनाए गए दबाव के चलते गत् 26 अप्रैल को उक्त बैंक सेवा केंद्र संचालक ने लिखित इकरारनामा देकर न केवल खातेदारों के सहयोग से खातों से सरकारी धनराशि निकाला जाना ही नहीं बल्कि उसे वापस खातेदारों के खातों में वापस किया जाना भी स्वीकार किया था। दोष स्वीकार करने पर अग्रणी जिला प्रबंधक ने उक्त केंद संचालक को बर्खास्त कर अंतिम विभागीय कार्रवाई पूरी करने की बात कही थी।
उधर जांच रिपोर्ट में सबंधित विभागों की संलिप्तता की शंका जाहिर करते हुए एलडीएम की सिफारिश पर गठित उच्च स्तरीय तीन जांच दलों की रिपोर्ट पर अब निगाहें टिकी हुई है। टीम सीडीओ कार्यालय से विभागों के खातों में जमा की गई और निकासी के ब्योरे के अभिलेख खंगालने में जुटी है। मामले में सीडीओ सत्येंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि सरकारी धन के दुरुपयोग का यह बड़ा मामला है। एक-दो दिन में जांच पूरी कराना जल्दबाजी होगी। जांच में समय लग सकता है। इस महीने के अंत तक जांच रिपोर्ट आ सकती है।