बिजली विभाग में वर्ष 2016 में बिलों में किए गए लाखों रुपये के घोटाले के मामले में आगरा से आई ऑडिट टीम ने एक्सईएन कार्यालय पहुंचकर अभिलेखों को खंगाला। अधिकारियों की टीम जिले में एक सप्ताह रुक कर जांच करेगी।
वर्ष 2016 में बिजली विभाग के तत्कालीन अधिकारियों का पासवर्ड हैक कर लाखों रुपयों के बिलों में हेरफेर कर राजस्व का नुकसान किया गया था। इस प्रकरण को अमर उजाला ने मुहिम चलाते हुए उजागर किया था।
इसमें दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के अधिकारियों ने मामले की जांच कर हकीकत परखी थी। सैकड़ों बिलों में गड़बड़ी भी पाई गई थी। सूत्रों के मुताबिक अभी इस प्रकरण की जांच एसटीएफ द्वारा प्रदेश स्तर से की जा रही है।
बुधवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा से एक्सईएन कामर्शियल जेपी वर्मा के निर्देशन में आई ऑडिट टीम ने एक बार फिर से अभिलेखों को खंगालना शुरू कर दिया है।
ऐसे में अब जल्द ही इस बात का भी पूरी तरह से खुलासा हो जाएगा कि साल 2016 से पहले भी कितने बिलों में तत्कालीन अधिकारियों द्वारा हेराफेरी की गई है।