औरैया। जनपद में ग्राम सभा की 60 एकड़ जमीन को अवैध रूप से फर्जी पट्टों के जरिये निजी लोगों के नाम दर्ज किए जाने का एक मामला सामने आया है।
मामले में डीएम बृजेश कुमार ने जांच के आदेश बिधूना एसडीएम को दिए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई भी होगी। पूरा मामला एडीएम न्यायिक कोर्ट में एक वाद की सुनवाई के दौरान सामने आया है।
न्यायालय अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) कोर्ट में ग्राम टिड्डुआ, तहसील बिधूना से संबंधित एक वाद की सुनवाई के दौरान गांव शहबाजपुर, याकूबपुर व टिड्डुआ की करीब 60 एकड़ ग्राम सभा की जमीन पकड़ में आई है। इस जमीन पर फर्जी पट्टों के आधार पर कतिपय व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिए गए हैं।
एडीएम (न्यायिक) नीरज प्रसाद ने प्रकरण की जानकारी डीएम बृजेश कुमार को मुहैया कराई है। डीएम ने एसडीएम बिधूना की जांच कराते हुए दोषियों की पहचान कर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। एडीएम कोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि संबंधित भूमि तत्कालीन प्रभावी उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश व भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की धारा 132 के तहत सुरक्षित श्रेणी की भूमि है।
इस प्रकार की भूमि पर अधिनियम की धारा 197 में वर्णित प्रावधानों के अनुसार केवल आसामी के रूप में ही अधिकार दिए जा सकते हैं। ऐसी भूमि पर किसी भी व्यक्ति के पक्ष में भूमिधारी अधिकार सृजित किया जाना विधि सम्मत नहीं है। इससे न्यायालय ने असंवैधानिक एवं अवैध मानते हुए तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।