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Auraiya News: चुनाव के फेर में कहीं फंस न जाए एआरटीओ कार्यालय के गबन की जांच

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ककोर। वाहन चालान की जमा नकदी के गबन करने के मामले को तीन माह बीत चुके हैं। जांच कर रही कानपुर की आरटीओ कार्यालय की टीम के सदस्य लगातार तारीख बढ़ा रहे हैं। गबन की कुल रकम का दायरा निश्चित करते हुए दोषियों को स्पष्ट करने में देरी की जा रही है। ऐसे में चुनावी दौर में कहीं मामला ठंडे बस्ते में न चला जाए इसकी संभावना भी जताई जा रही है।
पांच जनवरी को भाऊपुर निवासी शिवाकांत पाठक व उसकी पत्नी की मौत के बाद मिले सुसाइड नोट में एआरटीओ कार्यालय के गबन की बात सामने आई थी। मामले में एआरटीओ कार्यालय के लेखाकार ललित कांत कटियार समेत एक अन्य का जिक्र किया गया था। वहीं बैंक से लेकर एआरटीओ कार्यालय के संज्ञान में पूरा मामला होने की बात सुसाइड नोट में थी। घटना के बाद कानपुर आरटीओ की टीम ने मामले की जांच शुरू की।
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ककोर मुख्यालय में एआरटीओ कार्यालय में लगातार दस्तक देते हुए अभिलेखों को तलाशा गया। काफी कुछ कागजात लेखाकार ललित कांत के गायब करने की चर्चा रही थी। एआरटीओ अशोक कुमार ने इस मामले को लेकर दिबियापुर थाना में लेखाकार के खिलाफ दस्तावेजों को गायब करने का मुकदमा भी दर्ज कराया। जांच तीन माह से जारी है। फिलहाल गबन की कुल धनराशि से लेकर दोषियों की तस्वीर स्पष्ट नहीं हो सकी है।
दिन, सप्ताह व माह बीत रहे हैं। लोगों की निगाहें जांच के बाद हकीकत सामने आने पर टिकी हैं। ऐसे में हो रही देरी पर जहां तरह-तरह की चर्चाओं से बाजार का माहौल गर्म है तो वहीं लोकसभा चुनाव के फेर में कहीं जांच पूरी होने में और देरी हो जाने की संभावना है। जांच टीम के सदस्य भी लोकसभा चुनाव को लेकर व्यस्तता का हवाला दे रहे हैं।
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वर्जन
एआरटीओ अशोक कुमार से अंतिम बार बकाया कागजात को मांगा गया है। एक-दो दिन में पूरा मामला स्पष्ट कर दिया जाएगा। चुनाव के चलते काफी कुछ कार्य प्रभावित हो रहे हैं। देरी हो रही है। संभवत: एक दो दिन में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। गबन की कुल धनराशि भी तय हो जाएगी।
-प्रदीप कुमार, लेखाधिकारी आरटीओ कानपुर
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