औरैया। प्रदेश सरकार की ओर पेश किए गए बजट में अधिवक्ताओं के हितों को भी ध्यान में रखा गया है। मृत्युपरांत जहां परिवार को आर्थिक मदद की राशि बढ़ाई गई। तो वहीं बीमारी की हालत में अधिवक्ता को इलाज कराने के लिए धनराशि का इजाफा किया जाना निश्चित तौर पर अधिवक्ताओं के लिए राहत भरा है। सोमवार को पेश किए गए बजट को लेकर अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार की जमकर तारीफ की।
फोटो05एयूआरपी 30- शैलेंद्र दुबे एडवोकेट
अधिवक्ताओं के हितों को बजट में शामिल किया जाना निश्चित तौर पर योगी सरकार की दूर दृष्टि का परिणाम है। इससे जहां अधिवक्ता को बीमारी के समय राहत मिलेगी। तो वहीं परिवार के लिए भी आर्थिक मदद बढ़ाकर सरकार ने एक अच्छा निर्णय लिया है।
फोटो05एयूआरपी 31- रंजन त्रिपाठी एडवोकेट
वित्त मंत्री के भाषण में 2024 -2025 में अधिवक्ता कल्याण निधि का बजट दो सौ करोड़ से पांच सौ करोड़ किया जाना सरकार का एक अच्छा कदम है। इस बजट की जितनी भी सराहना की जाए कम है।
फोटो05एयूआरपी 32- मान सिंह पाल एडवोकेट, पूर्व महामंत्री, डीबीए
उत्तर प्रदेश अधिवक्ता सामाजिक निधि में अधिवक्ता की मृत्यु के उपरांत परिवार को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक मदद को पांच लाख किया जाना निश्चित रुप से अधिवक्ता के परिवार के लिए बड़ा निर्णय है। इससे अधिवक्ता के न रहने पर परिवार को काफी राहत मिल सकेगी।
फोटो05एयूआरपी 33- महेंद्र सिंह चौहान एडवोकेट
प्रदेश में न्यायालयाें की स्थापना व न्यायालय परिसर के निर्माण को बजट में शामिल किया जाना समूचे अधिवक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। इससे अधिवक्ताओं को कचहरी में बैठने के लिए पर्याप्त इंतजाम मुहैया कराए जा सकेंगे।