उत्तर मध्य रेलवे के पाता रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। राजधानी निकलने के दौरान पटरी का एक फुट का टुकड़ा टूटकर अलग होकर दूर जा गिरा। इसके बाद एक घंटे तक ट्रेनें जहां की तहां खड़ी रहीं।
पाता से लेकर कानपुर के बीच कई राजधानी, गरीब रथ, शताब्दी समेत कई अन्य गाड़ियां विभिन्न रेलवे स्टेशनों तक फंसी रहीं। पूर्वान्ह 11 बजे रेलमार्ग दुरुस्त हो सका।
सुबह छह बजकर 55 मिनट पर दिल्ली की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस पाता रेलवे स्टेशन से गुजरी। ट्रेन निकलते ही रेलकर्मियों देखा कि पाता रेलवे स्टेशन के पश्चिमी यार्ड (क्रासिंग) में खंभा संख्या 1109/15-17 के बीच एक फुट पटरी का टुकड़ा अलग गिरा था।
पटरी का टुकड़ा टूटते ही सिग्नल प्रणाली ध्वस्त हो गई। पटरी का टुकड़ा इतनी तेजी से अलग हुआ कि टूटे पटरी का ऊपरी हिस्से का कहीं पता नहीं चला। आननफानन सभी ट्रेनों को जहां का तहां रोक दिया गया।
फफूंद एवं अछल्दा रेलवे स्टेशनों से तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और वैकल्पिक व्यवस्था कर ट्रैक को दुरुस्त कराया। सात बजकर 55 मिनट पर ट्रेनों को कासन की गति से निकालना प्रारंभ किया गया।
पाता एवं फफूंद के बीच फंसी राजधानी एवं शताब्दी एक्सप्रेस को सबसे पहले निकाला गया। फफूंद रेलवे स्टेशन पर खड़ी दो गरीब रथ एक्सप्रेसों को आठ बजकर 30 मिनट पर रवाना किया गया। तकनीकी कर्मचारियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद 11 बजे टूटी पटरी के स्थान पर दूसरी पटरी को बदलकर मार्ग को दुरुस्त किया।
तब जाकर पूरी तरह से रेलमार्ग बहाल हो सका। अप रेलमार्ग पर कई ट्रेनें फंसी होने के कारण फफूंद रेलवे स्टेशन पर रुकने वालीं कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं।
रेल अधिकारियों के अनुसार आज एक बड़ा हादसा टल गया। राजधानी निकलते समय ही पटरी टूट जाती तो राजधानी पलट भी सकती थी। यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एएसएम कार्यालय में पूछताछ को यात्रियों की भीड़ जमा रही।