औरैया। शहर के मोहल्ला बनारसीदास में दो दिन पहले पकड़े गए बड़े सट्टा गिरोह के मामले में पुलिस ने मकान मालिक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि जल्द मकान मालिक पर कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अब सटोरियों और मकान मालिक के बीच के रिश्तों की बारीकी की जांच कर रही है।
कोतवाली पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर मोहल्ला बनारसीदास में 26 अप्रैल को छापे मारी की थी। यहां तुर्कीपुर निवासी पिंटू यादव के मकान में बड़े स्तर पर सट्टा खिलाया जा रहा था। इस मकान को आरोपी दीपचंद्र ने किराए पर लिया था लेकिन पुलिस की जांच में यह बात सामने आ रही है कि रिहायशी इलाके में इतने बड़े पैमाने पर हो रही संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मकान मालिक को भी हो सकती थी।
इस छापे मारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें जालौन जिले के 13 लोग योगेश, सुघर सिंह, सोनू, संतोष कुमार, अमरनाथ, प्रहलाद सिंह, बृजेश, दीपचंद्र, पंकज, संजय राठौर, अंकित कुमार, मुकेश और कृष्णा शामिल थे। इनके साथ औरैया शहर के नासिर और समीर को भी दबोचा गया था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कीपैड समेत 17 मोबाइल फोन बरामद किए थे। जांच में बैंक खातों में जमा तीन लाख रुपये भी फ्रीज किए गए थे। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। अगर मकान मालिक की भूमिका संदिग्ध मिली तो कार्रवाई की जाएगी।