औरैया। जिले में टीकाकरण अभियान की गति धीमी है। प्रदेश स्तर पर हुई वैक्सीनेशन की समीक्षा में जिला 75वें स्थान पर है। इसको लेकर अफसरों की क्लास भी ली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ रहा है।
कोरोना संक्रमण से बचाव का एक मात्र रास्ता वैक्सीन है। इसके बाद भी लोग टीका लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे। अभियान को गति देने के लिए डीएम सुनील कुमार वर्मा लगातार सभी विभागों को तालमेल से काम करने के निर्देश दे रहे हैं। ब्लॉकों में खंड विकास अधिकारी, लेखपाल, आंगनबाड़ी
कार्यकर्ता, आशा, ग्राम पंचायत सचिव व अन्य कर्मचारियों को भी इसमें लगाया गया है। लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। टीकाकरण के आंकड़ों के मुताबिक जिला प्रदेश में 75वें स्थान पर है। लखनऊ से हुई समीक्षा में अधिकारियों को फटकार सुननी पड़ी है। शासन से मिले सख्त निर्देश के बाद अफसर प्रयास कर स्थिति ठीक करने की बात कहते नजर आए।
कुल लाभार्थी - 150131
पहली डोज - 122377
दूसरी डोज - 27754
पहली डोज लगवाने वाले हेल्थ वर्कर - 4565
दूसरी डोज लगवाने वाले हेल्थ वर्कर - 4057
पहली डोज फ्रंट लाइन वर्कर - 4679
दूसरी डोज फ्रंट लाइन वर्कर - 4556
पहली डोज 60 साल से अधिक - 36083
दूसरी डोज 60 साल से अधिक - 11444
पहली डोज 45 प्लस - 48641
दूसरी डोज 45 प्लस - 7697
पहली डोज 18 प्लस - 18109
वर्जन
जिलाधिकारी के आदेशों का पालन अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी नहीं कर रहे हैं। वह फील्ड पर नहीं जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लोगों को जागरूक कर रहे हैं और टीकाकरण भी करा रहे हैं। उनकी मेहनत का परिणाम है कि जिले में इतने लोगों का टीकाकरण किया जा सका है। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ
अप्रैल में एक लाख 12 हजार 400 लाभार्थियों का टीकाकरण करने का लक्ष्य तय था। शुरुआत में उत्साह तो दिखा। लेकिन वैक्सीन लगवाने के बाद भी लोग संक्रमित आने लगे। जिसके कारण लोगों में उत्साह कम हो गया। अप्रैल में सिर्फ 57 हजार लाभार्थियों ने ही टीका लगवाया था।