औरैया। लखनऊ में हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी समेत कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की है।
इधर, शहर के बीचों-बीच चल रहीं अवैध पार्किंग पर अफसरों की नजर नहीं जा रही। शहर के अधिकांश पॉश मोहल्लों में धड़ल्ले से अवैध पार्किंग चल रही हैं। एक-एक पार्किंग में 50 से लेकर 150 कारें और सैकड़ों बाइकें कर खड़ी की जा रही हैं लेकिन यहां आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं।
कानपुर रोड पर स्थित ऐसी ही एक व्यस्त पार्किंग से सटा हुआ एक पेट्रोल पंप है। आग से निपटने के नाम पर यहां महज दिखावे के लिए कुछ अग्निशमन सिलिंडर टांग दिए गए हैं। रिहायशी इलाकों में चल रही इन पार्किंगों में आग लगी तो हालात भयावह होंगे।
शहर की सुरक्षा में सेंध लगाती इस गंभीर समस्या को लेकर जब पड़ताल की गई तो हैरान करने वाला रवैया सामने आया। किसी भी अफसर को यह तक नहीं पता कि यह पार्किंग आखिर किसके कार्यक्षेत्र में आती हैं। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं। यहां सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।
जेबें भर रहे पार्किंग संचालक
इन अवैध पार्किंगों के जरिए संचालक वाहन मालिकों से मोटी रकम वसूल रहे हैं लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन राजस्व के नाम पर धेला भी नहीं दिया जा रहा। नियमों को ठेंगा दिखाकर शहर के पॉश इलाकों में सीधे तौर पर सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई जा रही है और प्रशासन मौन साधे बैठा है।
पॉश इलाकों में चल रहीं पार्किंग
कानपुर रोड- दो अवैध पार्किंग ( एक पेट्रोल पंप से सटी)
दिबियापुर रोड- दो पार्किंग स्थल
तिलक नगर मोहल्ला- दो प्रमुख पार्किंग
सुभाष चौक- मॉल के बेसमेंट के नीचे संचालित हो रही पार्किंग
सुरान रोड- एक पार्किंग
महावीर गंज- एक पार्किंग
शहर बाईपास- एक व्यस्त पार्किंग स्थल
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प्रशासन की ओर से लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। पार्किंग की भी जांच कर गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।-अजय आनंद वर्मा, एसडीएम
फोटो-38- कानपुर रोड स्थित पेट्रोल पंप से सटी पार्किंग। संवाद
फोटो-38- कानपुर रोड स्थित पेट्रोल पंप से सटी पार्किंग। संवाद