थानाध्यक्षों और दरोगाओं को आला अफसरों के निर्देशों
और आदेशों की परवाह नहीं है। इसका जीता जागता उदाहरण थानों और कोतवाली की
लंबित विवेचनाएं हैं।
पिछले महीने आईजी जोन आशुतोष पांडेय ने थाना
और कोतवाली प्रभारियों लंबित विवेचनाएं समय पर निपटाने के निर्देश दिए थे,
किंतु इन पर कोई असर नहीं पड़ा। जनपद के नौ थानों और तीन कोतवाली अभी भी दो
सौ से अधिक विवेचनाएं लंबित हैं।
पिछले माह जनपद में एसपी
कार्यालय का उद्घाटन करने आए आईजी जोन आशुतोष पांडेय ने थानाध्यक्षों को
लंबित विवेचनाआें को निर्धारित समय पर पूरा किए जाने के निर्देश दिए थे
लेकिन उनके निर्देश का थानाध्यक्षों और दरोगाओं पर कोई असर नहीं पड़ा।
इसकी
तस्दीक जिले के नौ थानों और तीन कोतवाली की लंबित विवेचनाएं कर रही हैं।
सदर कोतवाली औरैया में 78, बिधूना में 85, अजीतमल 56, एरवाकटरा 50, बेला
63, अछल्दा 85, दिबियापुर 88, सहायल 25, अयाना 51 व महिला थाना में करीब 98
विवचेनाएं लंबित पड़ी हैं।
विवेचनाओं में हीलाहवाली बरतने वाले
थानाध्यक्षों व दरोगाओं की सूची तलब की जाएगी। कार्य के प्रति लापरवाही
बरतने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विवेचनाओं
में कोताही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -मनोज तिवारी, एसपी।