औरैया। सत्र न्यायाधीश ने पिता और ढाई वर्ष की भांजी की हत्या के मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले की अभियोजन पक्ष में पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम धरमअंगदपुर निवासी मंजू देवी ने थाना बेला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि आठ अक्टूबर 2018 की रात उसके पति बालेश्वर पांडेय (58) व ढाई वर्षीय नातिन पलक दूसरी मंजिल पर चारपाई पर लेटे थे। उसका पुत्र सोनू छत पर लेटा था। रात लगभग एक बजे सोनू ने फुंकनी व हंसिया मारकर पति बालेश्वर व नातिन पलक की हत्या कर दी थी। इसके बाद घर से भाग गया। बताया कि उसका लड़का शराब और गांजा पीता था। जिस पर कई बार उसके पिता ने रोका लेकिन वह नहीं माना।
इसी बात को लेकर घटना से पहले दो बार पिता-पुत्र के बीच झगड़ा हुआ था। सोनू ने पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। इसी कारण सोनू ने हत्या कर दी। बगल में लेटी पलक जग गई तो उसे भी मार डाला। दोहरे हत्याकांड का मामला सत्र न्यायालय में चला। डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। सोनू को जिला कारागार इटावा भेजा गया है।