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Auraiya News: हत्यारोपी के भाई को पकड़ लेती तो शायद बच सकता था सुब्हान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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एरवाकटरा। सराफा कारोबारी शकील का 12 वर्षीय पुत्र सुब्हान की मौत कहीं न कहीं पुलिस की नाकामी को उजागर कर रही है। सूत्रों के अनुसार घटना वाले दिन रात में परिजनों की ओर से पुलिस को सुब्हान के लापता होने की सूचना दी गई थी।
इसमें छानबीन के दौरान हत्यारोपी रियाज सिद्दीकी का नाम सामने आ गया था। इस दौरान रियाज का बड़ा भाई वहीं थाने में ही मौजूद बताया जाता है। मृतक के पिता शकील के अनुसार यदि पुलिस समय रहते उसके बड़े भाई को पकड़कर पूछताछ करती तो सुब्हान को बचाया जा सकता था। उनका कहना है कि इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड हत्यारोपी रियाज का बड़ा भाई है।
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उनका आरोप है कि वही लगातार उन्हें व पुलिस को रियाज तक पहुंचने में गुमराह करता रहा। जिससे रियाज तक पहुंचने में पुलिस को देरी हो गई। इससे उनके इकलौते पुत्र को बचाया नहीं बचाया जा सका।
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मोहल्ले की टीम का धुरंधर बैट्समैन था सुब्हान
औरैया। फिरौती के लिए अपहरण के बाद मौत का शिकार हुआ सुब्हान अपने मोहल्ले की टीम का बेहतरीन बैट्समैन था। उसकी मौत से एक ओर जहां बच्चों ने अपना अच्छा खिलाड़ी खो दिया। तो वहीं घटना के बाद से सभी सहमे हुए हैं। सुब्हान के टीम में अब न होना खिलाड़ी साथियों को भी बैचेन किए हुए है। साथी खिलाड़ी को याद कर बच्चे उसकी प्रतिभा का बखान करते नहीं थक रहे हैं।
एरवाकटरा के उमरैन कस्बे के दुर्गा मंदिर के पास रहने वाले मृतक सुब्हान के साथी शिवेंद्र प्रताप, प्रतीक, अंशु, तनिष्क, प्रिंस, संजय उसकी मौत से खासे व्यथित हैं। घटना के बाद से एमएस इंटर कालेज के मैदान पर पिछले तीन दिनों से कोई भी खेलने नहीं पहुंचा है। इससे एक ओर जहां मैदान पर सन्नाटा पसरा हुआ है तो वहीं बच्चों में भी दहशत का माहौल देखा जा रहा है।
बात करने पर मृतक सुब्हान के साथ खेलने वाले प्रिंस ने बताया कि जिस दिन सुब्हान को कसबा निवासी रियाज सिद्दीकी अपने साथ ले गया था। उससे थोड़ी ही देर पहले सुब्हान क्रीज पर बैटिंग करने पहुंचा था। जहां वह खुद बोलिंग कर रहा था। प्रिंस ने बताया कि सुब्हान की बैटिंग बहुत ही अच्छी थी। उस दिन भी उसने अच्छी बैटिंग का प्रदर्शन करते हुए 25 रन बनाए थे। इसमें दो चौके भी शामिल थे। बताया आउट होने के बाद जब वह फील्डिंग कर रहा था। तभी रियाज उसे बुला ले गया था।
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साथी बच्चों का कहना है कि काश सुब्हान रियाज के बुलाने पर उनके साथ न गया होता तो आज वह उनके साथ होता और उसकी टीम भी मजबूत बनी रहती। सुब्हान की मौत को लेकर साथी खिलाड़ियों ने बताया कि उसने अपना एक अच्छा साथी खो दिया था।
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