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Auraiya News: आग लगी तो भागने की भी जगह नहीं

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औरैया। यमुना एक्सप्रेसवे पर बस हादसे के बाद भी निजी और रोडवेज बसों में यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। शुक्रवार को की गई बसों की पड़ताल में सुरक्षा इंतजाम संतोषजनक नहीं मिले। कानपुर-इटावा हाईवे पर गल्ला मंडी के सामने खड़ी तीन वोल्वो बसों में आपात स्थिति में यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने की व्यवस्था कमजोर मिली। बसों के इमरजेंसी गेट छोटे थे और सीटों के बीच रास्ता भी इतना संकरा था कि हादसे की स्थिति में यात्रियों को बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है।
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दोपहर करीब 12:29 बजे समरथपुर के आसपास खेतों में हुई प्लॉटिंग के बीच तीन वोल्वो बसें खड़ी मिलीं। तीनों बसों में आपातकालीन गेट का आकार छोटा था। सीटों के बीच बनी जगह से एक व्यक्ति का आसानी से निकलना मुश्किल था। बस के पिछले हिस्से में सीटों और टायर के बीच करीब दो से तीन फुट की जगह में यात्रियों का सामान रखा गया था। सामान की सुरक्षा के लिए यहां आठ से 10 ताले लगे थे, जिससे आपात स्थिति में रास्ता और बाधित हो सकता है।
वहीं, सरकारी बसों में फायर सिलिंडर तो मिले, लेकिन उनके रखरखाव और चालकों को आपात स्थिति में इनके संचालन की जानकारी को लेकर सवाल उठे। खानपुर से समरथपुर तक हाईवे किनारे 10 से अधिक निजी ट्रैवल एजेंसियां संचालित हैं। दोपहर करीब एक बजे अधिकांश कार्यालय बंद मिले। एक निजी ट्रैवल एजेंसी के कर्मचारी ने बताया कि रात 11 बजे के बाद बसों की रवानगी शुरू होती है। ऐसे में रात के सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। मामले में एआरटीओ एनसी शर्मा को कई काॅल करने के बाद भी उनका फोन नहीं उठा। मैसेज भेजने पर देखने के बाद भी जवाब नहीं दिया गया।
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औरैया डिपो में दोपहर 12:56 बजे खड़ी बस में फायर सिलिंडर तो रखा था, लेकिन चालक को इसे चलाने का प्रशिक्षण नहीं मिला था। बस का इमरजेंसी गेट भी जर्जर हालत में था और वेल्डिंग के सहारे लॉक किया गया था। डिपो परिसर में खड़ी दूसरी बस में फायर सिलिंडर लोहे की रॉड के सहारे रखा मिला। सिलिंडर पर इतनी गंदगी जमा थी कि उसकी एक्सपायरी डेट तक स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थी। चालक के सामने लगे शीशे का वाइपर भी खराब था। चालक ने पतली रस्सी के सहारे वाइपर को चलाने की व्यवस्था कर रखी थी।
सारे मानक पूरे करने पर ही परमिट दिया जाता है। नोएडा में हुई घटना के बाद शहर में भी चेकिंग अभियान चलाया गया। शुक्रवार को एक दर्जन बसों को चेक किया गया। जिसमें सिलिंडर के अलावा आपातकालीन द्वार भी चेक किए गए।
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-अख्तर हुसैन, यातायात प्रभारी
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