UP Election 2017: 302 millionaires are contesting in the first phase
जिले की दो विधानसभा सीटों पर पतियों के खिलाफ पत्नियों ने अपना नामांकन दाखिल किया है। मगर यह पत्नियां पति के खिलाफ ताल नहीं ठोंक रही हैं। पतियों के चुनाव में मददगार साबित हो रही हैं। पति प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में अधिक वाहन व खर्च के लिए यह तरीका निकाला है।
औरैया सदर सीट से रमेश दिवाकर भाजपा की टिकट पर प्रत्याशी हैं। इनकी पत्नी लक्ष्मी देवी ने भी इसी सीट से पर्चा दाखिल किया है। डमी प्रत्याशी होने के बाद भी इन्होंने अपना नामांकन वापस नही लिया। अब स्थिति यह है कि रमेश दिवाकर भाजपा के टिकट से व उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी निर्दलीय चुनावी मैदान में है। यही स्थिति दिबियापुर सीट पर भी है। यहां रामकुमार अवस्थी बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में है। इनकी पत्नी संध्या अवस्थी ने निर्दलीय नामांकन किया है। अब पति पत्नी दोनों ही मैदान में है।
दोनों प्रत्याशियों की पत्नियां प्रत्याशी जरूर हैं, लेकिन पति के खिलाफ ताल नही ठोंक रही हैं।
बल्कि पति के चुनाव के लिए मददगार साबित हो रही हैं। कारण है चुनाव आयोग प्रचार के लिए सीमित वाहन की ही अनुमति दे रहा है। ऐसे में पत्नियों के नाम पर भी वाहनों की अनुमति मिल जाएगी। उन वाहनों से पति के ही लिए प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा कुछ खर्च का भी हिस्सा पत्नियोें के नाम पड़ जाएगा जो कि खर्च सीमा से भी राहत मिलेगी। इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि अगर कोई डमी प्रत्याशी दूसरे का प्रचार करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।