औरैया। एरवाकटरा थाना क्षेत्र के पांच साल पहले हुई महिला रामादेवी की मौत के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश महेश कुमार ने हत्या के आरोपी पति पेशकार को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। अदालत को गवाहों के पलटने और मेडिकल रिपोर्ट में विरोधाभास मिला।
घटना 25 जुलाई 2021 की है। एरवाकटरा थाना क्षेत्र के गांव नगला वैश निवासी वेदप्रकाश ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उसके भाई पेशकार ने मानसिक स्थिति खराब होने के कारण अपनी पत्नी रामादेवी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, इससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के तहत मामला दर्ज कर पेशकार को जेल भेज दिया था।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान तब नया मोड़ आया, जब वादी वेदप्रकाश समेत परिवार के सभी मुख्य गवाह मुकर गए। वेदप्रकाश ने कोर्ट में कहा कि उसने तहरीर नहीं लिखी थी, सिर्फ दस्तखत किए थे। अभियुक्त के बेटों और उसकी दूसरी पत्नी साधना देवी ने गवाही दी कि रामादेवी को कम दिखाई देता था। खाना बनाने के लिए छत पर लकड़ी लेने गई। वहां अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे आंगन में गिर गईं, इससे उनके शरीर में गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। अभियुक्त पेशकार ने खुद को 80 प्रतिशत नेत्रहीन बताते हुए बेगुनाही की गुहार लगाई।
उधर, पुलिस वारदात में इस्तेमाल कथित चाकू को कोर्ट में पेश नहीं कर सकी। वहीं, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने प्रति-परीक्षा में स्वीकार किया कि यदि कोई व्यक्ति ऊंचाई से किसी नुकीली या धारदार वस्तु पर गिरता है, तो शरीर पर ऐसी चोटें आना संभव है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। न्यायाधीश महेश कुमार ने अभियुक्त पेशकार को दोषमुक्त करते हुए उनके जमानतदारों को भी दायित्वों से मुक्त कर दिया।