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दो चिकित्सकों के सहारे सौ शैय्या अस्पताल

Tue, 25 Apr 2017 11:52 PM IST
औरैया
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सीएमएस कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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 जिले में चिकित्सकों की कमी और उनकी मर्जी से अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल रहा है। चिकित्सकों के न पहुंचने से सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होती जा रही है। चिचौली स्थित सौ शैय्या अस्पताल दो चिकित्सकों के सहारे चल रहा है। चिकित्सक न होने से मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए मजबूर हो रहे हैं।
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  मंगलवार को दोपहर 12 बजे अस्पताल परिसर में जगह-जगह लोग बैठे थे। इन्हें अस्पताल में कराए गए एक्सरे की रिपोर्ट व अन्य जांचों की रिपोर्ट का इंतजार था। ओपीडी में सीएमएस डा. राजीव रस्तोगी के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी।

जमीन, कुर्सियों व कमरे के बाहर खड़े मरीजों की संख्या 20 के करीब थी। अधिकांश मरीज हड्डी रोगों से संबंधित थे। सीएमएस कक्ष के बाहर बैठे रामबाबू ने बताया कि वह बच्चे का इलाज कराने के लिए आए थे। बच्चे के पैर में फैक्चर है। आधे घंटे के इंतजार के बाद वह पुत्र को चिकित्सक को दिखा पाए हैं।
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23 चिकित्सकों में से 6 छुट्टी पर
 जिला अस्पताल में 13 चिकित्सकों में से छह चिकित्सकों ने लंबी छुट्टी ले रखी है। इससे अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। वहीं काम करने वाले सात चिकित्सकों में भी अक्सर कोई न कोई चिकित्सक छुट्टी पर रहता है।

अस्पताल में नहीं हैं ये दवाएं
 एस्प्रिन, एंटासिड, रैनीटिडिन, कोट्राइमोक्साजोल, एमोक्सीसिलीन सीरप ,  कोट्रामोक्साजोल सीरप ,  एडी कैप्सूल, जेनल ड्राप,  क्लोरोक्विन 250, टयूब क्लोट्रामाइजोल

बीमारी की छुट्टी ले गए चिकित्सक
सीएमएस डा. राजीव रस्तोगी ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। अस्पताल के सभी चिकित्सक बीमारी की छुट्टी लेकर गए हैं। इन्हें रोका नहीं जा सकता था। वह और एक चिकित्सक मिलकर अस्पताल चला रहे हैं।
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बिजली ठप होने से एक्सरे मशीन बंद
सौ शैय्या अस्पताल में जनरेटर लगे हैं। बिजली ठप होने से एक्सरे मशीन काम करना बंद कर देती है। मरीजों को मजबूरन बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है।
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छुट्टी पर चल रहे चिकित्सक
डा. पंकज पारया, डा. नवीन मिश्रा, डा. बीके सक्सेना, डा. एनएसस गुप्ता, डा. रोहित मिश्रा, डा. प्रमोद कुमार।
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