बच्चे की मौत के बाद गमगीन पति-पत्नी।
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सौ शैय्या अस्पताल में सोमवार सुबह एक युवक प्रसव पीड़ा से तड़प रही पत्नी को गोद में लेकर गिड़गिड़ाता रहा, पर एंबुलेंस नहीं मिली। डाक्टर के छुट्टी पर होने के कारण उसे बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने को कहा गया था। मजबूरन टेंपो का इंतजाम कर दस किमी दूर से अल्ट्रासाउंड कराकर लाया तब पत्नी की डिलीवरी हुई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। प्रसव के दौरान ही बच्ची की मौत हो गई। युवक ने अस्पताल कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
सीएमएस डा. राजीव रस्तोगी का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फफूंद थाना क्षेत्र के गांव नौली निवासी श्याम प्रकाश पत्नी सीतू (30) को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर आशा के साथ 102 एंबुलेंस से सौ शैय्या अस्पताल लाया। यहां डाक्टरों ने जांच कर कहा कि पहले अल्ट्रासाउंड करा कर लाए, तब इलाज शुरू होगा। श्याम प्रकाश अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचा तो डाक्टर छुट्टी पर थे। इस पर उसे बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने को कहा गया। स्ट्रेचर नहीं मिलने पर श्याम प्रकाश अपनी पत्नी को गोद में लिए दौड़ता रहा।
अस्पताल प्रशासन से एंबुलेंस की गुहार लगाई, लेकिन कोई इंतजाम नहीं हुआ। वह टेंपो से पत्नी को लेकर औरैया गया और बाहर से अल्ट्रासाउंड कराकर लौटा। इसके बाद डाक्टरों ने प्रसव कराया तो मृत बच्ची पैदा हुई। पति श्याम प्रकाश का आरोप है कि अगर एंबुलेंस मिल जाती तो बच्ची की जान बच जाती। इस बाबत सीएमएस डा. राजीव रस्तोगी का कहना है कि मामले की जांच करेंगे। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्ट्रेचर और एंबुलेंस क्यों नहीं मिली, इसकी भी जांच करेंगे। उन्होंने बताया कि अल्ट्रासाउंड करने वाले डाक्टर अवकाश पर हैं, इसलिए दिक्कत आ रही है।