किशनी रोड पर गणेश महोत्सव के चलते आरंभ कराई गई श्रीमद भागवत कथा के पहले दिन भर्थना से पधारे रविंद्र शास्त्री ने श्रोताओं से कहा कि मानव जीवन का सबसे बड़ा परम धर्म गोविंद से प्रेम करना है। मानव के अंदर होना चाहिए कि भगवान मेरे है और मैं भगवान का।
रविंद्र शास्त्री ने कहा कि सभी देवी देवताओं का सम्मान करना चाहिए, किंतु निष्ठा एक में रखनी चाहिए। भगवान का कभी जन्म नहीं होता, वह अवतार लेते है।
कहा कि जो व्यक्ति भगवान की कथा नहीं सुनता, उनका संसार में वजूद नहीं होता। कहा कि संसार में सबसे तेज गति वाला मन होता है और व्यक्ति यदि मन को प्रभु के चरणों में रोक लें तो उसका जीवन बदल सकता है।
इसलिए कथा सुनने के वक्त व्यक्ति के मन में भगवान के प्रति श्रद्धा होनी चाहिए। श्रीमद भागवत कथा में वीपी यादव, दीपक गुप्ता, दिलीप शर्मा, अशोक यादव, लल्ला गुप्ता, पंकज के अलावा आदि श्रोतागण मौजूद रहे।