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अधिकारियों की चौखटों पर न्याय पाने को भटक रहा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभार्थी

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भीषण सर्दी में परिवार समेत घासफूस की झोपड़ी में रहने को मजबूर गरीब रमेश चंद्र - फोटो : AURAIYA
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सदर विकास खंड के ग्राम पन्हर निवासी प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाभार्थी को दो साल बाद भी सिर्फ कागजों में ही घर मिल पाया है। अहम बात यह है कि लाभार्थी के खाते में भेजी गई योजना की धनराशि भी बिना उसकी जानकारी के निकल गई। ऐसे में पीड़ित न्याय पाने के लिए दो साल से अधिकारियों की चौखट पर माथा रगड़ रहा है।
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वर्ष 2011 की बीपीएल सूची में नाम होने पर ग्राम पन्हर निवासी रमेश चंद्र पुत्र मूलचंद्र कोप्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2017 में आवास का आवंटन किया गया था। अहम बात यह है कि संबंधित अधिकारी ने लाभार्थी के आवास को एक अप्रैल 2017 को पूरा दिखाते हुए एक लाख 20 हजार रुपये की धनराशि भी गायब कर दी।
पीड़ित को पता तब चला जब लगभग तीन माह बाद आवास आवंटन की जानकारी करने ब्लॉक पहुंचा। रमेश चंद्र के अनुसार उसे बताया गया कि उसे आवास का आवंटन किया जा चुका है। निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये की रकम भी निर्गत की जा चुकी है।
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इस संबंध में उसने जब ग्राम प्रधान अनीता के पति सुनील से संपर्क किया तो उन्होंने भी उसकी कोई बात नहीं सुनी। इसके बाद उसने संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से लेकर तहसील के अधिकारियों तक शिकायती पत्र दिया लेकिन आज तक वह भटक रहा है।
पीड़ित ने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता है। आवास के अभाव में वह घास-फूस की झोपड़ी में परिवार समेत सर्दी के दिन काटने को मजबूर है। आर्थिक स्थिति खराब होने से बच्चों को भी नहीं पढ़ा सका है। पीड़ित ने अधिकारियों से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
संपूर्ण समाधान दिवस में आए शिकायती पत्र के बाद इसकी जांच परियोजना निदेशक को सौंप दी गई है। साथ ही जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।- रेखा एस चौहान, एडीएम, औरैया
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