फोटो-25एयूआरपी 08- लैब का जायजा लेते सीएमएस व प्राचार्य। स्रोत:कर्मी
औरैया। आनुवांशिक बीमारी हीमोफीलिया से ग्रसित बच्चों की जांच के लिए अब निजी पैथाेलॉजी की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। यह सुविधा उन्हें मेडिकल कॉलेज में ही मिलेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में कोएगुलेशन एनलाइजर (जमावट विश्लेषक) मशीन मंगवा भी ली गई है। हालांकि इस मशीन के कुछ जरूरी उपकरण आने शेष हैं। उपकरण आने के बाद इसी माह से इस जांच को शुरू हो जाएगी।
मनुष्य में यह आनुवांशिक रोग होता है। जब शरीर में रक्तस्राव होने के बाद नहीं रुकता तो हीमोफीलिया जांच की जरूरत होती है। कई बार यह रक्तस्राव जानलेवा हो जाता है। जांच कराने के लिए मरीजों को बाहर निजी अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते थे। वहां इसकी अलग-अलग रकम ली जाती है। इस जांच के लिए अभी तक जिले के लोगों को कानपुर की दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से यह बड़ा कदम उठाया गया है। हीमोफीलिया जांच मेडिकल काॅलेज में शुरू कराने के लिए इस जांच में प्रयोग की जाने वाली मशीन मंगवा ली गई है।
इस जांच से बच्चों में इस बीमारी को समय से डायग्नोस कर लिया जाएगा। इससे कि उपचार की आगे की राह आसान हो सकेगी। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा का कहना है कि जब रक्तस्राव होता है और रक्त बहना बंद न हो या फिर रक्तस्राव के थक्के जम जाते हैं तो इसके लिए हीमोफीलिया की जांच करवाई जाती है। अभी तक इसकी जांच के लिए लोगों को प्राइवेट पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता था। इस रोग का कारण एक रक्त प्रोटीन की कमी होती है। जिसे क्लॉटिंग फैक्टर कहा जाता है। इस फैक्टर की विशेषता यह है कि यह बहते हुए रक्त के थक्के जमाकर उसका बहना रोकता है।
बेहतर ढंग से होगा उपचार
मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में कोएगुलेशन एनालाइजर मशीन मंगवा ली गई है। जल्द ही इसे अमल में लाया जाना शुरू किया जाएगा। हीमोफीलिया की जांच शुरू हो जाने से बच्चों में इसके लक्षण समय से पता कर लिए जाएंगे। इससे उनका आगे का उपचार बेहतर ढंग से हो सकेगा।
-डॉ. मुकेश वीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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हीमोफीलिया सोसायटी का भी होगा गठन
जिले में हीमोफीलिया के मरीज चिह्नित होने के बाद मेडिकल कॉलेज में हीमोफीलिया सोसायटी का भी गठन किया जाएगा। यह सोसायटी मरीजों को समय से उपचार, रक्त की जरूरत समेत तमाम उपायों पर काम करेगी। खास बात तो यह है कि यह सोसायटी हर माह इन मरीजों की स्थिति का स्वयं आकलन करेगी।