नेत्र विशेषज्ञ डा.श्याम गुप्ता के साथ मरीज को दवाइयां देते राजेंद्र प्रसाद एवं उमाकांती
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दिबियापुर(औरैया)। मुरादगंज निवासी एक बुजुर्ग दंपति असहाय बुजुर्गों की आंखों का तारा बने हैं। अब तक यह दंपति आंखों की रोशनी खो चुके 18 बुजुर्गों की आंखों का ऑपरेशन करा चुके हैं। ऑपरेशन का खर्च पेंशन में से दैनिक खर्चों को निकालने के बाद बचे रुपयों से करते हैं। दिबियापुर में विशाल आई केयर पर शनिवार को हुए ऑपरेशन में भी दो बुजुर्गों के ऑपरेशन का खर्च भी इस दंपति ने उठाया। रविवार को दवाइयां भीं उन्होंने मरीज को दीं।
अयाना स्वास्थ्य केंद्र से वर्ष 2009 में स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हो चुके राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव एवं उनकी पत्नी उमाकांती ने बताया कि उनके दो बेटियां एवं एक बेटा है। बेटियों की शादी हो चुकी। जबकि बेटा अनुपम एनटीपीसी ऊंचाहार में इंजीनियर एवं बहू कामिनी परिषदीय विद्यालय में प्रधानाध्यापिका है। पिछले दो वर्षों से उन्होंने असहाय एवं बेटे-बेटियों से परित्यक्त ऐसे बुजुर्गों की तलाश शुरू की।
जिनकी आंखों की रोशनी ऑपरेशन कर लेंस आदि डलवाने से वापस आ सकती थी। ऐसे बुजुर्गों की जानकारी होने पर उनकी आंखों का ऑपरेशन वह अपने खर्चे पर कराते हैं। इसमें उनका सहयोग दिबियापुर के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. श्याम गुप्ता करते हैं। बताया कि अब तक 18 बुजुर्गों के आंखों के ऑपरेशन करा चुके हैं। उनका बेटा और बहू भी उनके इस कार्य में सहयोग करते हैं।