औरैया। ठंड बढ़ने के साथ पिछले एक सप्ताह से हृदय व अस्थमा रोगियों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। शाम के समय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में इस तरह के पांच छह मरीज पहुंचने लगे हैं।
वहीं दिन की ओपीडी में यह आंकड़ा 25 के पार जा रहा है। इन सभी को सर्दी से बचाव की हिदायत दी जा रही है। मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी जा रही है। उधर, चेस्ट विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टर की उपलब्धता के चलते बेहतर इलाज मिल रहा है।
मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार मेघवानी ने बताया कि सर्दी में अस्थमा और हृदय के रोगियों को एहतियात बरतनी है। गर्म ऊनी कपड़े इस सर्दी में पहनने बहुत जरूरी है।
वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा शंखवार ने बताया कि इन दिनों सांस लेने में दिक्कत वाले मरीज बढ़ गए हैं। सर्दी के सीजन में सांस संबंधी समस्या वाले रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इन दिनों गर्म पानी के सेवन के साथ पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखना चाहिए।
सिर ढककर निकलें, बीपी रखें नियंत्रित
डॉ. अपर्णा शंखवार ने बताया कि ठंड में ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शरीर का तापमान सामान्य रखना चाहिए। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें। सिर ढककर निकलें, नियमित चेक कराते रहें। डॉक्टर ने जो दवा लिखी गई हैं उस दवा की डोज को संशोधित करा लें। इसके अलावा जब सुबह को सोकर उठें तो तुरंत बाहर न निकलें।
अचानक सर्द व गर्म माहौल होने पर स्वास्थ्य बिगड़ने की संभावना बढ़ जाती है। अस्थमा व हृदय के मरीज ठंड के साथ ही धुएं से दूरी बनाएं। सोने से दो से ढाई घंटे पहले पौष्टिक सुपाच्य भोजन लें। पानी हल्का गुनगुना करके पिएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। हरी सब्जियों के साथ फलों का भी करें सेवन।
ये बरतें सावधानी
- अगर संभव हो तो घर के अंदर ही व्यायाम करें ताकि ठंडी हवा में जाने से बचा जा सके।
- धूम्रपान और सिगरेट, अंगीठी, स्टोव के धुएं से दूर रहें।
- पालतू जानवरों को शयनकक्ष से दूर रखें।
- हीटिंग सिस्टम के फिल्टर को नियमित रूप से साफ करें या बदलें।
- घर से बाहर जाते समय स्कार्फ या मास्क पहनें।
- डॉक्टर की बताई गई दवाएं और इनहेलर हमेशा साथ रखें।
- अस्थमा व सांस रोगी बीमार लोगों के संपर्क में आने से बचे।
सर्दी को देखते हुए दिल व दमा रोगियों के लिए जरूरी प्रबंध किए गए हैं। उपचार के लिए जरूरी दवाएं व उपकरण वार्ड व इमरजेंसी में मुहैया करा दिए गए हैं। जरूरी एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है। - डॉ. पवन कुमार शर्मा, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज