फफूंद। पिछले दो दिनों से बादलों के साथ कोहरा पड़ रहा है। अब रात में पाला भी गिरने लगा है। इससे आलू व सरसों की खेती कर रहे किसान फसलों को लेकर काफी परेशान नजर आ रहे हैं।
कोहरे और पाले से फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसान दवाओं का छिड़काव व सिंचाई कर फसलों को बचाने में जुट गए हैं। जिले में आलू व सरसों का अच्छा खासा रकबा है। 20 से 50 बीघा जमीन पर आलू और सरसों की खेती कर रहे किसान सुधीर राजपूत, पंकज, शिवराज सिंह, रिंकू दुबे, मनोज शुक्ला ने बताया कि पाला गिरने से आलू की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। पत्तियों के झुलसने से कंदों की बढ़वार रुक जाती है। इससे उत्पादन घटने का खतरा रहता है।
वहीं सरसों की फसल में फूल और फलियां झड़ने लगती हैं। इससे सीधा असर पैदावार पर पड़ता है। किसानों ने बताया कि पूरी लागत लगाने के बाद यदि मौसम की मार पड़ी तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पाले से फसलों को बचाने के लिए किसानों ने रात में खेतों में हल्की सिंचाई करने के साथ ही दवाओं का छिड़काव भी शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि अगर पाला लगातार गिरता रहा तो बचाव के तमाम प्रयासों के बावजूद नुकसान से इन्कार नहीं किया जा सकता।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि कोहरे के साथ ही अब दो दिनों से पाला भी गिरने लगा है। ऐसे में किसान आलू व सरसों की फसलों में जरूरी इंतजाम कर लें। दवा छिड़काव से ही फसल को सुरक्षित किया जा सकता है।