धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी करते स्वास्थ्य संविदा कर्मी।
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छह सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार से स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। जिले भर के अस्पतालों के स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों ने शहर के जिला अस्पताल में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रकट किया। डीएम और सीएमओ को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर शीघ्र मांगें पूरी किए जाने की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह हड़ताल जारी रखेंगे।
उप्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संगठन के प्रांतीय नेताओं के इशारे पर जिले में अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार से शुरू की गई। जिले भर के सरकारी अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत आशा बहुओं, चिकित्सकों, बाबुओं व अन्य कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया। संघ के जिलाध्यक्ष डा. सोमदत्त ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में अन्य राज्यों की तरह जो पद स्वास्थ्य विभाग में सृजित नहीं हैं उन्हें एनआरएचएम के अनुरूप सृजित कर समस्त कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए।
सभी कर्मियों का रिजवी कमेटी की संस्तुति के आधार पर ग्रेड पे के अनुरूप पे बैंड का निर्धारण किया जाए। एनआरएचएम में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त प्रक्रिया को समाप्त कर कार्यरत कर्मियों को भी पालिसी के तहत रखा जाए। आशा बहुओं के बेहतर जीवन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के अनुरूप निर्धारित मानदेय दिया जाए। पूर्व की भांति समस्त पदों पर म्यूचुअल ट्रांसफर की व्यवस्था लागू की जाए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले भर के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इधर, संविदा पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की हड़ताल का अस्पतालों में पहले दिन असर कम देखने को मिला। स्वास्थ्य कर्मियों ने पहले दिन पूरी तरह कमान संभाली।