कंचौसी (औरैया)। आयुर्वेदिक यूनानी अस्पताल का हाल बेहाल है। जड़ी-बूटियों से तैयार औषधि अलमारी में धूल खा रही है। इनके रखरखवा के लिए अस्पताल में स्टाफ तक नहीं है। केंद्र पर तैनात एक मात्र महिला डॉक्टर सप्ताह में तीन दिन सोमवार, मंगलवार व बुधवार को कंचौसी आती हैं। बाकी दिन वह अछल्दा के अस्पताल में मरीजों का इलाज करती हैं।
आयुर्वेदिक यूनानी अस्पताल में एक पुरुष कार्यालय सहायक है, वहा सफाई करता है और आने वाले मरीजों को दवा भी देता है। एक दिन अस्पताल बंद कर इटावा मुख्य शाखा से दवा लेने भी यही जाता है। यहा एक दिन में खांसी जुकाम, बुखार आदि के लगभग 12 मरीज आते हैं। यहां का बजट इटावा औरैया की मुख्य शाखा इटावा से संचालित होता है।
आयुर्वेदिक यूनानी अस्पताल की डॉ. आरती शर्मा ने बताया कि वह तीन दिन यहां और तीन दिन अछल्दा में मरीजों का इलाज करती हैं। इस समय जिला अस्पताल में कोरोना महामारी के कारण ड्यूटी लग जाती है तब किसी अस्पताल नहीं जाना हो पाता है। स्टाफ की कमी के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों को लिखा गया है। लेकिन तैनाती नहीं हुई।