फोटो 30 एयूआरपी33- नुक्कड़ नाटक द्वारा लोगों को जागरूक करता कलाकार
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औरैया। जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने के लिए गुरुवार से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान शुरू किया गया। यह अभियान 13 फरवरी तक चलेगा। गुरुवार को 50 शय्या युक्त जिला अस्पताल के कुष्ठ रोग विभाग में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक का मंचन कर लोगों को जागरूक किया।
50 शय्या युक्त जिला अस्पताल में गुरुवार को कुष्ठ रोग दिवस मनाया गया। इस दौरान लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन कर कुष्ठ रोग के लक्षण व उसके इलाज के बारे में जानकारी दी गई। नाटक के माध्यम से बताया गया कि कुष्ठ रोग किसी को स्पर्श व साथ में खाने से नहीं फैलता है। अगर मां को कुष्ठ रोग है तो उसके बच्चे को इस रोग के होने का कोई खतरा नहीं रहता। साथ ही यह जानकारी भी दी गई कि सरकारी अस्पतालों में कुष्ठ रोग का इलाज व दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस मौके पर डीएलसी डॉ. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि वर्ष 2025 तक जिले को कुष्ठ रोग मुक्त करने का लक्ष्य है। डीएलओ डॉ. सुधांशु कुमार दीक्षित ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने घर पर ही कुष्ठ रोग की पहचान कर सकता है। चमड़ी के रंग से फीका दाग-धब्बा है और सुन्नपन है, इसमें खुजली न हो, गरम या ठंडी चीज का स्पर्श, चुभन या छोटी गांठे हो गई है, हाथ-पैरों में सूखापन हो तो यह कुष्ठ रोग के लक्षण है। इसे इलाज से ठीक किया जा सकता है।
कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. ऐके राय ने लोगों को विशेष प्रकार की माइक्रो सेल्लूलर रबड़ से बनी चप्पल वितरित की, जिसके पहनने से मरीज के पैरों में घाव नहीं बनते है। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. शिशिर पुरी, अनूप गुप्ता व ज्ञान सिंह आदि मौजूद रहे।