औरैया। डेंगू का कहर थम नहीं रहा है। शनिवार को इस बीमारी की चपेट में आकर छात्रा समेत दो लोगों की मौत कानपुर में इलाज के दौरान हो गई। रुरुगंज व आसपास के कई गांवों में कई लोग बीमारी की चपेट में हैं। लोगों की शिकायत है कि महामारी के रूप में फैल रही डेंगू से बचाव के लिए अभी तक ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं। गांवों में सफाई व्यवस्था पर कतई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
भाग्यनगर ब्लॉक के गांव बूढ़ादाना निवासी मुहम्मद इरफान (36) पुत्र इमाम बख्श मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। सप्ताह भर पहले इरफान को अचानक बुखार आया। इरफान पहले औरैया के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने गया। वहां ग्लूकोज चढ़ाने के बाद इरफान की हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार के लोग उसे शुक्रवार को कानपुर ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच में डेंगू की पुष्टि की। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इरफान की अचानक मौत के बाद उसके घर कोहराम मच गया।
उधर, सहार ब्लॉक के गांव पुर्वातरा निवासी सुरभिराज पाल (25) पुत्री राजेंद्र सिंह पाल की कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में डेंगू के इलाज के दौरान मौत हो गई। सुरभिराज पाल ने एमए करने के बाद बीएड, बीटीसी, टेट व सीटेट की परीक्षा भी पास की थी। अचानक सुरभिराज की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे कानपुर के सिटी हास्पिटल में भर्ती कराया था। हालत में सुधार न होने पर रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डेंगू की पुष्टि हुई और 20 यूनिट ब्लड देने के बावजूद सुरभिराज की मौत हो गई। शनिवार की देर शाम सुरभिराज का शव गांव पहुंचा।