औरैया। सोना-चांदी पर महंगाई की मार ने कारोबार बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार बढ़ रहे भाव से ग्राहक बाजार से ओझल हो गए हैं। इससे सराफा बाजार में सन्नाटा पसरा है। पश्चिम बंगाल से आए आभूषण कारीगर भी काम न मिलने से घर वापसी की तैयारी में हैं। ऐसे में सराफा कारोबार करने वालों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
कारोबारियों की मानें तो सोना चांदी के भाव ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एक साल के अंतराल में चांदी 25 फीसद तो सोना के भाव 20 फीसद तक बढ़ गए हैं। नवंबर 2024 में सोना प्रति 10 ग्राम 85 हजार और चांदी प्रति किलो 89 हजार रुपये थी लेकिन इन दिनों इनके भाव में भारी उछाल आया है। 26 अगस्त के बाजार पर गौर करें तो चांदी 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति किलो और सोना का भाव एक लाख 3 हजार प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गए हैं।
कारोबारी इसके पीछे टैरिफ वॉर और शेयर बाजार में आ रही गिरावट को कारण बता रहे हैं। इससे बाजार में ग्राहकों का टोंटा हो गया है। इक्का-दुक्का दुकान पर ही लोग आभूषण खरीदने आ रहे हैं। शहर में 100 से अधिक सराफा कारोबारी हैं। इनके यहां पश्चिम बंगाल के करीब 40 कारीगर आभूषण बनाने का काम करते हैं। यह कारीगर पिछले 15 साल से शहर में निवास कर रहे हैं लेकिन अब यह कारीगर भी पिछले एक माह से छाई मंदी के कारण खाली हाथ बैठे हुए हैं। इससे इनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
इस हिसाब से बढ़े दाम
20 अगस्त को चांदी एक लाख 14 हजार रुपये प्रतिकिलो और सोना एक लाख एक हजार तीन सौ रुपये प्रति दस ग्राम। 26 अगस्त को चांदी एक लाख 20 हजार रुपये प्रति किलो और सोना एक लाख 3 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम।
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एक साल पहले के भाव
एक नवंबर 2024 को चांदी के भाव 89 हजार रुपये प्रति किलो और सोना 85 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम। इससे 28 अगस्त 2025 में चांदी का भाव 25 फीसद व सोना का भाव 20 फीसद तक बढ़ा।
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बोले व्यापारी-
चांदी के जेवर की भी नहीं हो रही खरीद
एक माह से सराफा कारोबार पूरी तरह पटरी से उतर गया है। अब 10 ग्राम चांदी की तोड़ियां भी खरीदने की आम आदमी की हिम्मत नहीं पड़ रही है। लगातार सोना चांदी के भाव चढ़ने से रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सरकार महंगाई पर ध्यान दें, अन्यथा यह कारोबार धीरे-धीरे चौपट हो जाएगा।
- रमेश वर्मा, सदस्य सराफा कमेटी औरैया।
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बोहनी तक नहीं हो रही
टैरिफ वॉर और शेयर मार्केट में गिरावट से सोना चांदी के भाव आसमान छू रहे हैं। एक साल में भाव 20 से 25 फीसद तक बढ़ गए हैं। इससे खरीदार ओझल हो गए हैं। कई दुकानदारों की तो बोहनी तक नहीं हो रही है। जब तक टैरिफ वॉर पर नियंत्रण और शेयर बाजार में उछाल नहीं आएगा, तब तक महंगाई पर अंकुश की उम्मीद कम है।-नैतिक वर्मा, सराफा कोराबारी, सदर बाजार।
घर लौटने की आ रही नौबत
करीब 40 लोग हावड़ा, पश्चिम बंगाल से सोना चांदी के आभूषण बनाने के लिए शहर में रहते हैं। वह लोग करीब 15 साल से व्यापारियों का माल बना रहे हैं। पिछले एक माह से कोई काम नहीं मिला। ऐसे हालातों में उन लोगों के सामने घर लौटने की मजबूरी आ गई है।- बाबर, आभूषण कारीगर।
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एक माह से नहीं है कोई काम
हम लोगों को 100 ग्राम सोना चांदी के आभूषण बनाने पर दो ग्राम सोना या चांदी का मेहनताना मिलता है। इससे वह लोग अपना परिवार चलाते हैं। चार हजार रुपये में मकान किराए पर है। बच्चों की पढ़ाई व घर का खर्च भी है। एक माह से कोई काम नहीं मिला है। दुकानों से उधार परचून खरीद रहे हैं। अगर 15 दिन में हालात न बदले तो वह लोग यहां से घर लौट जाएंगे।- सज्जाद. आभूषण कारीगर।
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महंगाई से आई मंदी
हम लोग ब्रांडेड आभूषण बनवाने का ऑर्डर लेने कानपुर से आते हैं। दो माह पहले तक यहां के कई कारोबारी ऑर्डर देते रहे हैं। महंगाई से व्यापार में मंदी आई है। इक्का दुक्का ऑर्डर मिलते हैं। कभी तो बिना ऑर्डर के ही कानपुर लौटना पड़ता है। नितिन शर्मा, बासु ज्वैलर्स, कानपुर।