अंबेडकर नगर में श्रीमद भागवत कथा महोत्सव में पं. गिरजेश तिवारी ने कहा कि भगवान भक्ति और भाव के भूखे हैं। कहा कि जिस घर में संत आ जाएं, वह घर बड़ा ही सौभाग्यशाली होता है।
भागवत कथा के चौथे दिन पं. तिवारी ने सुर और संगीत की छटा बिखरते श्रोताओं को भक्ति रस में डुबकी लगाने को मजबूर कर दिया। कथावाचक ने कहा कि जिस मनुष्य को अहंकार होता है, उसे भगवान कुछ नहीं देते बल्कि जो मनुष्य अपने आप को शून्य बना लेता है, उसे भगवान सब कुछ दे देते हैं।
कहा कि जहां ज्ञान और नीति दोनाें प्रकट हो जाएं, वहां प्रभु प्रकट हो जाते हैं। कहा कि जिस तरह से बिना ज्ञान के नीति सफल नहीं होती, उसी तरह बगैर नीति के ज्ञान भी सफल नहीं होता। उन्हाेंने कहा कि भगवान से प्रेम करोगे तो कष्ट तथा बदनामी दोनों को सहना पड़ेगा।