संवाद न्यूज एजेंसी
अछल्दा (औरैया)। कस्बा के नहर बाजार में बृहस्पतिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। यहां छत पर कमरे के दरवाजे की कुंडी में साड़ी का झूला बनाकर झूल रही 10 वर्षीय बालिका की फंदा लगने से मौत हो गई। घटना के समय मृतका की मां बाजार गई हुई थी। बड़ी बहन ने जब उसे अचेत अवस्था में लटके देखा तो चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव परिजन को सौंप दिया।
नहर बाजार निवासी स्व. रामू सक्सेना की 10 वर्षीय बेटी जया देहाती इंटर कॉलेज में कक्षा छह की छात्रा थी। बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वह मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे के दरवाजे की कुंडी में साड़ी का झूला बांधकर झूल रही थी। इसी दौरान अचानक साड़ी का फंदा उसके गले में कस गया, जिससे वह अचेत हो गई। कुछ देर बाद जब उसकी बड़ी बहन मानवी किसी काम से छत पर पहुंची, तो जया को देख उसके होश उड़ गए।
मानवी के शोर मचाने पर दौड़े आसपास के लोगों ने उसे सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन के अनुसार मृतका के पिता रामू सक्सेना का साल 2020 में कोरोना काल के दौरान मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद मां गीता देवी मकान में परचून की दुकान चलाकर अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही हैं।
घटना के समय वह दुकान का सामान लेने बाजार गई हुई थीं। घर पर सिर्फ दोनों बहनें थीं, जबकि छोटा भाई सिद्धार्थ अपनी नानी के घर एटा के गांव जैथरा में रहकर कक्षा एक में पढ़ाई कर रहा है।बाजार से लौटते ही जैसे ही मां गीता देवी ने अपनी लाडली का शव देखा, वह चीख मारकर बेहोश हो गई। मां और बड़ी बहन मानवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
मोहल्ले के लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं। घटना की जानकारी मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र ने बताया कि पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया गया।