फोटो02एयूआरपी 09- अस्पताल में भर्ती वृद्धा शकुंतला देवी।
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औरैया। सदर ब्लाक क्षेत्र के गांव गढ़ा मानिकचंद्र में सोमवार रात कच्चे घर की दीवार ढह गई। हादसे में घर में परिवार के सात लोग दब गए। ग्रामीणों ने सभी को मलबे से बाहर निकाला और 50 शय्या युक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने मां-बेटे को गंभीर हालत में सैफई रेफर कर दिया है।
गढ़ा मानिकचंद्र में सोमवार को शकुंतला देवी (65) पत्नी वीरेंद्र कुमार अपने पुत्र शिवपाल (35), नाती अर्जुन (10), उदय प्रताप (5), अंश प्रताप (2) व नातिन रूबी व नैंसी के साथ सो रहीं थीं। रात लगभग साढ़े 12 बजे अचानक कच्चे मकान की दीवार ढह गई। सभी लोग मलबे में दब गए। शोरगुल सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला। सभी को 50 शय्या युक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल शकुंतला देवी व शिवपाल को सैफई रेफर कर दिया। घायल शकुंतला ने ग्राम प्रधान पर कालोनी न देने का आरोप लगाया है। उधर ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव शुक्ला ने बताया कि पीड़ित परिवार के खाते में पहले ही कालोनी के लिए चयन होने के बाद 90 प्रतिशत धनराशि भेजी जा चुकी है। हादसे की जानकारी पर सदर तहसीलदार राजकुमार चौधरी के निर्देश पर लेखपाल ने मौके पर जाकर पड़ताल की। तहसीलदार ने बताया कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद पीड़ित की मदद की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने जाना हाल
घटना के बाद गांव मानिकचंद्र पहुं्चे निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह व सदर ब्लाक प्रमुख सौरभ भूषण शर्मा ने पीड़ितों का हालचाल लिया। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ने पीड़ित शकुंतला देवी को 20 हजार रुपये की मदद दी।
फोटो02एयूआरपी 08- ढही दीवार व मौजूद परिवार के लोग व ग्रामीण।- फोटो : AURAIYA