औरैया। गेंदे की वैज्ञानिक विधि से खेती कर किसान उत्पादन बढ़ा लाभ कमा सकते हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अंकुर झा ने बताया कि ये समय गेंदे की खेती के लिए उपयुक्त है।
गेंदे की खेती के लिए दोमट और बलुआ दोमट मिट्टी अच्छी होती है। अच्छी खेती के लिए 200 क्विंटल कंपोस्ट प्रति हेक्टेयर की दर से मिट्टी में मिला दें। इसके बाद 120-160 किलो नाइट्रोजन, 60-80 किलो फास्फोरस व 60-80 किलो पोटाश का प्रयोग प्रति हेक्टेयर के हिसाब से करें। नाइट्रोजन की आधी मात्रा व फास्फोरस और पोटाश को अंतिम जुताई के समय मिट्टी में मिला दें। नाइट्रोजन की आधी मात्रा पौधा रोपने के 30-40 दिन में प्रयोग करें। खेत की नमी को देखते हुए 5-10 दिन के अंतराल में गेंदे की सिंचाई करनी चाहिए।
रोपाई के 30-40 दिन के अंदर पौधे की मुख्य शाकीय कली को तोड़ देना चाहिए। इस क्रिया से फूल थोड़ा देर से आएंगे लेकिन प्रति पौधा फूल की संख्या बढ़ेगी। लगभग 15-20 दिन पर आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई करनी चाहिए। रोपाई के 60 से 70 दिन में गेंदे में फूल आता है, जो 90 से 100 दिन तक रहता है। उपज 80-100 क्विंटल फूल प्रति हेक्टेयर होती है।