ऐतिहासिक गौरैया तालाब के सुंदरीकरण के लिए लगातार अभियान जारी है। बीस दिन की मेहनत के बाद तालाब में भरे दूषित पानी को निकाला जा चुका है। अब तालाबों में भरे कीचड़ युक्त मलबे को निकालने की तैयारियां की जाने लगी हैं। तालाब का कचरा साफ होते ही आवास विकास परिषद की ओर से सुंदरीकरण पर काम शुरू किया जाएगा।
संवत 1434 में निर्मित ऐतिहासिक गौरैया मंदिर व तालाब अनदेखी के चलते जीर्णशीर्ण दशा में पहुंच गया था। तालाब की दुर्दशा को दूर करने की ओर किसी का भी ध्यान नहीं गया।डीएम माला श्रीवास्तव ने इस ऐतिहासिक गौरैया तालाब के महत्व को देखते हुए इसे आकर्षक बनाने का खाका खींचा।
इसके लिए आवास विकास परिषद, नगर पालिका प्रशासन व राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों से मंत्रणा के बाद तालाब के सुंदरीकरण कराए जाने को निर्देश जारी कर दिए। पालिका प्रशासन ने निर्देश मिलते ही तालाब में भरे गंदे व दूषित पाने को बाहर निकलवाने का काम शुरू करा दिया। बीस दिन बाद सोमवार को गौरैया तालाब का पानी पूरी तरह से हटा दिया गया है।
अब तालाब से सालों पुराने मलबे को निकाले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इधर तालाब का पानी हटने से पानी के अंदर छिपी स्नानागार भी उभर का सामने आ गई हैं। पालिका की ईओ राधा तिवारी ने बताया कि डीएम के निर्देश के बाद पालिका की ओर से तालाबों में सालों पुराने भरे दूषित पाने को बाहर निकलवा दिया गया है। अब इसमें भरे कीचड़ युक्त मलबे को भी जल्द निकालकर खाली करा दिया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।