औरैया। चिचौली मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल की बिल्डिंग में मेंटीनेंस काम को लेकर चार साल पहले मिले बजट के बाद अब काम कराया जाएगा।
बिल्डिंग में सीवरेज व्यवस्था ध्वस्त होने की समस्या का अब प्रमुख सचिव ने संज्ञान लिया है। खास बात यह है कि कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी कानपुर के अधिकारियों को जवाब तलब भी किया गया है।
चिचौली मेडिकल कॉलेज में भले ही नई बिल्डिंग में ओपीडी का संचालन शुरू हो गया हो, लेकिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों और प्रसूताओं को महिला अस्पताल की बिल्डिंग में पहले व दूसरे फ्लोर पर भर्ती किया जा रहा है। 150 से ज्यादा मरीज यहां पर भर्ती रहते हैं। इस बिल्डिंग की सीवरेज लाइन पूरी तरह से चोक हो चुकी है। ज्यादातर शौचालय खराब हो गए हैं। यहां तक कि सीवरेज लाइन का गंदा पानी लेबर रूम में टपकता रहता है।
इस समस्या को देखते हुए एक कमरे को बंद भी करना पड़ा है। जहां पर प्रसव किया जाते थे। इस सब के बीच शौच के लिए वार्ड में भर्ती मरीजों को भी परेशान होना पड़ता है। लेबर रूम में भर्ती महिलाओं को परेशानी होती है।
इस समस्या को देखते हुए साल 2022 में ही शासन स्तर से दो करोड़ का बजट जारी करते हुए कार्यदायी संस्था के तौर पर पीडब्ल्यूडी कानपुर को नामित किया था, लेकिन बजट के बावजूद बिल्डिंग की मेंटीनेंस का काम पूरा नहीं किया जा सका। चार साल से महिला अस्पताल की बिल्डिंग में जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है।
अमर उजाला ने नौ फरवरी के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसका प्रमुख सचिव ने संज्ञान लिया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन को तलब करने के साथ ही पीडब्ल्यूडी कानपुर के अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। फरवरी माह में बिल्डिंग का मेंटीनेंस काम पूरा करा लेने को कहा गया है।
बिल्डिंग के मेंटीनेंस में महंगाई बन सकती है रोड़ा
महिला अस्पताल की बिल्डिंग में मेंटीनेंस कार्य को लेकर चार साल पहले सर्वे कराते हुए प्रस्ताव बनाया गया था। जिसके आधार पर दो करोड़ का बजट जारी किया गया था। लेकिन इन चार सालों में महंगाई ने काफी कुछ रफ्तार पकड़ी है। ऐसे में बिल्डिंग के मेंटीनेंस कार्य को पूरा करने के लिए बजट बढ़ाना भी पड़ सकता है। ऐसे में यह काम पूरा कराना चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।
संक्रमण का भी खतरा है बरकरार
लेबर रूम में भर्ती मरीजों से लेकर जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए सीवरेज लाइन केवल शौच की समस्या तक ही सीमित नहीं है। यहां पर छत से टपकता सीवरेज का गंदा पानी मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ा रहा है। अस्पताल के जिम्मेदार किसी तरह सफाई विभाग के जरिये छुटपुट काम करा रहे है, लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है।
प्रमुख सचिव ने महिला अस्पताल के मेंटीनेंस के लंबित काम का मुख्य सचिव ने संज्ञान लिया है। पीडब्ल्यूडी कानपुर को निर्देश जारी किए हैं। चार साल बाद ही सही अब यह काम कराया जाएगा।
-डॉ. मुकेश वीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज