अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार रात स्वाट टीम प्रभारी ने अनंतराम टोल टैक्स के पास से चोरी की बोलेरो समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य अभियुक्त को चोरी के ट्रैक्टर समेत गिरफ्तार किया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वार्ता के दौरान एसपी मनोज तिवारी ने बताया कि मंगलवार को स्वाट टीम प्रभारी अखिलेश मिश्रा हाईवे पर निगरानी ड्यूटी पर थे।
अजीतमल कोतवाली के अनंतराम टोल टैक्स के पास वाहन चेकिंग के समय एक बिना नंबर प्लेट की बोलेरो, जिसमें तीन व्यक्ति बैठे थे, दिखाई दी। स्वाट टीम प्रभारी ने गाड़ी रुकवाने का प्रयास किया तो चालक ने गाड़ी भगा दी। पीछा कर टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि यह बोलेरो चोरी की है, जिसे वह बेचने के लिए ले जा रहे थे।
आरोपियों ने बताया कि 28 अगस्त की रात को राहुल यादव, प्रवेश कुशवाहा, पंकज राजपूत, संतोष राजपूत तथा बीटू यादव ने मिलकर हाईवे पर मंगलपुर कानपुर देहात में लूट का ट्रैक्टर लेकर ड्राइवर को बांधकर बोलेरो में डाल लिया, जिसे उन्होंने मंगलपुर क्षेत्र में हाथ पैर बांधकर फेंक दिया।
ट्रैक्टर ले जाकर मोहमदाबाद फर्रुखाबाद अनाज मंडी के गार्ड सूरज सिंह को एक लाख 25 हजार रुपये में बेच दिया था। गाड़ी बेचने के लिए अरविंद व मोहित यादव को भेजा गया था।
स्वाट टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर ट्रैक्टर बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम पता संतोष राजपूत निवासी बेला रोड, दिबियापुर, राहुल यादव निवासी पूर्वी रेलवे कालोनी दिबियापुर, अरविंद यादव निवासी नगला दुली किशनी, मैनपुरी व सूरज सिंह यादव निवासी नदौरा, फतेहगढ़ बताया है।
यह आरोपी भागने में रहे सफल - औरैया। पुलिस टीम को आते देख बीटू यादव निवासी गुमानी पुर्वा दिबियापुर, प्रवेश कुशवाहा निवासी सहायल, पंकज राजपूत निवासी कथूले पुर्वा सहायल व मोहित यादव निवासी आम का नगला भागने में सफल रहे।
राहुल निकला गैंग का सरगना- औरैया। लग्जरी कार व अन्य वाहनों की लूट की योजना राहुल यादव बनाता था। बाद में गैंग के अन्य सदस्य घटना को अंजाम देकर लूटपाट करते थे। पुलिस ने भागे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दविशें देनी शुरू कर दी है।
उत्तराखंड से लूटी थी कार- औरैया। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उन्होंने उत्तराखंड से बोलेरो कार लूटी थी। इसके अलावा वह पंजाब, हरियाणा व मध्य प्रदेश में भी वाहन लूटने का कार्य करते थे। इसके बाद उन्हें बेचकर आपस में रुपये बांटते थे।