अयाना। यमुना का पानी गुरुवार रात को बीहड़ पट्टी के बड़ी गूंज क्षेत्र में ग्रामीणों के घर तक पहुंच गया। प्रशासन ने लोगों को गांव के बाहर ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित पहुंचाया।
वहीं लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बनाए गए राहत शिविर में सिर्फ पोल लगे हैं। इससे तिरपाल की झोपड़ी खुद ही बना रहे। उधर, भीखेपुर- जुहीखा मार्ग पर पानी भर जाने से बीहड़ पट्टी के गांवों का जिला जालौन से संपर्क कट गया है।
यमुना नदी में आई बाढ़ ने अयाना क्षेत्र के जुहीखा, बड़ी गूंज, फरिहा, बीझलपुर, मई, नौरी सहित बीहड़ पट्टी के 12 गांवों के लोगों की मुसीबत बढ़ा दी हैं। फसलें डूबने से किसान मवेशियों को चारा खिलाने के लिए परेशान हैं। वहीं घरों में पानी भर जाने से उन्हें घर छोड़कर गांव के बाहर ऊंचे स्थानों की ओर जाना पड़ा है। कुछ किसानों का जरूरी सामान भी घरों में ही रह गया है।
बड़ी गूंज में प्रशासन की ओर से बनाए गए राहत शिविर में सिर्फ पोल लगे मिले। वहां छाया की व्यवस्था न होने के चलते लोगों ने परिवार को बारिश व धूप से सुरक्षित रखने के लिए अपने तिरपाल तान रखे हैं। दोपहर में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बाढ़ प्रभावित गांव बड़ी गूंज व जुहीखा का निरीक्षण किया। उन्होंने नायब तहसीलदार अजीतमल प्रतिभा पाल को लोगों को राहत सामग्री मुहैया करवाने के निर्देश दिए।
भीखेपुर-जुहीखा मार्ग में पानी भरने से पुलिस ने बंद कराया रास्ता
उधर, भीखेपुर-जुहीखा मार्ग पर पानी भर जाने से जालौन से संपर्क कट गया। सड़क पर पानी आने के बाद भी लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे, इस कारण से गुरुवार रात को ही पुलिस ने वहां अस्थायी बैरीकेडिंग लगाकर आवागमन बंद कर दिया। थानाध्यक्ष अजय कुमार भी टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का लगातार दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
बड़ी गूंज में 22, जुहीखा के 45 घरों में घुसा पानी
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील शर्मा व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़ी गूंज व जुहीखा में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को दवाइयां वितरित कीं। नायब तहसीलदार प्रतिभा पाल ने बताया कि पानी भरने से बड़ी गूंज के 22 व जुहीखा के 45 घर प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। सभी को राहत सामग्री वितरित की गई है।