फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना नदी में पारा 117.36 मीटर पर पहुंचकर हुआ स्थिर

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। चार दिन से उफनाई यमुना का जलस्तर गुरुवार को दोपहर बाद खतरे के निशान 113 मीटर से 117.36 मीटर पर पहुंचकर थम गया है। केंद्रीय जल आयोग कर्मचारियों के मुताबिक धौलपुर में जलस्तर में ठहराव से नदी उतार की तरफ है। औरैया में जल्द ही पानी उतार की ओर जाने की संभावना है। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन

गुरुवार को यमुना के बढ़े जलस्तर को देखने को भारी भीड़ लगी रही। उधर, बाढ़ से घिरे गांवों की हालत अभी भी भयावह है। अस्ता गांव चारों ओर पानी से घिरा है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू करा दिया है। लोगों को राहत शिविर में पहुंचाने का काम जोरशोर से किया जा रहा है। अजीतमल के चार से ज्यादा गांव टापू जैसे बन गए हैं। अयाना में आठ गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे ग्रामीण खौफजदा हैं। इटावा जिले से औरैया जिले के यमुना किनारे बसे गांवों का संपर्क कटा हुआ है।
औरैया के अस्ता गांव के हालात ज्यादा खराब हैं। पूरा गांव चारों ओर पानी से घिरा है। ग्रामीणों के निकलने के सारे रास्ते बंद हो गए। गुरुवार को डीएम अभिषेक सिंह, एसपी सुनीति, एसडीएम सदर अनुपम शुक्ला, तहसीलदार सदर राजकुमार, कानून गो देवेंद्र के अलावा लेखपालों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कराया। इस दौरान रेस्क्यू के लिए लगे 22 वाहिनी पीएसी के जवानों ने स्टीमर व जिला प्रशासन की ओर से लगाई गई पांच नावों के माध्यम से तीन सौ ग्रामीणों को सुरक्षित निकाल कर गांव के पास ऊंचाई पर बने मंदिर परिसर में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाया।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहुंची डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों को दवाएं मुहैया कराईं। नगर पालिका परिषद की ओर से पानी का टैंकर भी रखवा दिया गया है। गांव में बोई गई बाजरा की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। गांव अस्ता को खाली करा लिया गया। जानकारी होते ही सांसद रामशंकर कठेरिया ने भी अस्ता गांव पहुंचकर ग्रामीणों के लिए कराए गए इंतजाम की जानकारी ली। वहीं, जालौन जिले के गांव नैनापुर में सड़क पर पानी भर जाने के चलतेे जालौन चौराहे से होकर कुठौंद जाने वाले मार्ग पर चार पहिया वाहनों का आवागमन दूसरे दिन भी बंद रखा गया।
अजीतमल प्रतिनिधि के मुताबिक यमुना का जलस्तर गुरुवार को दोपहर बाद घटना शुरू हो गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। सिकरोड़ी, गोहानी कलां, जाजपुर, बडेरा समेत कई गांव पूरी तरह से टापू बने हुए हैं। मुख्य मार्गों समेत गांव की गलियों में पानी भरने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। जिला प्रशासन ने बाढ़ के चलते घरों की छतों पर फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। इटावा जिले से औरैया जिले के यमुना नदी किनारे बसे गांवों का संपर्क कटा हुआ है। गांवों में अंदर तक पानी भर जाने से बिजली एवं संचार सेवा ध्वस्त हो गई है। बचाव कार्य में लगे 32 वाहनी पीएसी के जवान स्टीमर लेकर लगातार राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
गांव बीझलपुर में अंदर तक घुसा बाढ़ का पानी घरों के अंदर घुस जाने से ग्रामीणों में खासी दहशत है। ग्रामीणों ने किसी तरह अपना सामान छतों पर पहुंचाया। बाढ़ से राहत पहुंचाने को लेकर जिला प्रशासन पल-पल की गतिविधियों पर नजर बनाए है। अयाना क्षेत्र के ग्राम बीजलपुर, फरिल, जुहीखा, बड़ी गूंज, असेवा, असेवटा, मिसुरपुरा, सिहौली आदि गांवों में बाढ़ के पानी के अंदर तक घरों में पहुंच गया है। लेखपाल मोहित श्रीवास्तव ने बताया कि अयाना थाना क्षेत्र के तीन दर्जन घर पानी की चपेट में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें