घनी बस्ती के बीच बैट्री फैक्ट्री में बुधवार शाम करीब आठ बजे लगी आग पूरी रात धधकती रही। इस अग्निकाड में करीब 50 लाख से ज्यादा के नुकसान होने का अनुमान है। वहीं झुलसे लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। डीएम व एसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया।
सीएचसी के पीछे स्थित बैट्री फैक्ट्री में एक के बाद एक तीन धमाके ने दहशत पैदा कर दिया। झुलसे लोगों को अस्पताल पहुंचाने के बाद अग्निशमन दस्ता आग पर काबू पाने का प्रयास करता रहा। इसी बीत रात करीब दो बजे दोबारा से आग भड़क गई। इससे एक बार फिर हलचल मच गई।
हालांकि करीब दो घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। डीएम माला श्रीवास्तव, एसपी मनोज तिवारी ने एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव, तहसीलदार रामनयन आदि के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मिले फैक्ट्री मालिक धर्मेंद्र उर्फ दीपू के पिता सेवाराम को पकड़कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया।
बीच बस्ती फैक्ट्री चलने के मामले की जांच एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव को सौंपी गई है। फैक्ट्री के अंदर से बहते तेजाब से झुलसे सीआईएसएफ का एक कर्मचारी एवं दिबियापुर थाने का एक सिपाही तनवीर घायल हो गया है।
आग से झुलसे घायलों में अखिलेश उर्फ पटे, फैक्ट्री मालिक धर्मेंद्र, फैक्ट्री मालिक के भतीजे अभिषेक एवं गोपी समेत अन्य कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है। बताते हैं कि फैक्ट्री में बुधवार को ही लाखों रुपये कीमत का तेजाब एवं अन्य कच्चा माल उतरा था। फैक्ट्री मालिक के मुताबिक करीब 50 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
तो किसकी शह पर चल रही थी फैक्ट्री -दिबियापुर (औरैया)। कस्बे में घनी आबादी के बीच स्थित बैट्र्ी फैक्ट्री में धमाके के बाद अफसरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मोहल्लेवासियों का कहना है कि उन्होंने पिछले दिनों आशंका जाहिर की थी। फिर भी न तो पुलिस ने ध्यान दिया और न ही अन्य अफसरों ने।
जिसका नताजी रहा कि तमाम लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ते बची। हालांकि धमाके के बाद पूरे मामले में अप्रशिक्षित कारीगर होने की दुहाई दी जा रही है। बैट्री का फैक्ट्री में आग लगने के बाद पड़ोस में रहने वाले ओमप्रकाश ने फैक्ट्री के बीच बस्ती में होने के कारण मानव जीवन में संकट पैदा करने की तहरीर दी है।
ओमप्रकाश के अनुसार फैक्ट्री में अप्रशिक्षित कारीगरों द्वारा काम कराया जाता था। इस घटना में उनका मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं आग से उनकी पत्नी झुलस गईं हैं। घर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण रहने काबिल नहीं रहा है।
पड़ोस में रहने वाले अरविंद सिंह यादव एवं अरुण सिंह यादव ने भी अपने मकान क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की है। थानाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह का कहना है कि फैक्ट्री संचालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 286,338, 427 में मुक दमा पंजीकृत कर लिया गया है।
और बड़ा हो सकता था हादसा...- दिबियापुर ( औरैया )। बुधवार रात बैट्री फै क्ट्री में लगी आग से जनहानि भी हो सकती थी।
पड़ोस में रहने वाले भूमि विकास एवं जल संसाधव विभाग में कार्यरत ओमप्रकाश राजपूत का कहना है कि धमाके के बीच फैक्ट्री में डेढ़ क्विंटल का लोहे का जाल उछलकर उसी स्थान पर गिरा, जहां पर वे अपने परिवार के साथ रात के समय सोते हैं। यदि रात में यह हादसा होता तो पूरे परिवार के साथ अनहोनी हो सकती थी।
बताते हैं कि घटना के समय उनके घर की दीवारें भी गर्म हो गईं थीं। घर के सभी सदस्य बाहर निकल आए। इस दौरान घर में रखे दो गैस सिलेंडरों को लोगों ने जागरूकता दिखाकर कपड़ों में लपेट घर से बाहर फेंक दिया अन्यथा यह भी बड़ी घटना का कारण बन सकते थे।
यदि फैक्ट्री के अंदर कारीगर काम कर रहे होते और कोई बड़ी अनहोनी उनके साथ भी घटित हो सकती थी।
देर से एंबुलेंस पहुंचने पर भड़का गुस्सा- दिबियापुर ( औरैया )। देर से एंबुलेंस पहुंचने पर लोगों का आक्रोश खासा भड़का। घटना के दो घंटे बाद जब एंबुलेंस पहुंची तो लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
आक्रोशित लोग एंबुलेंस चालकों को मारने लिए दौड़े। ऐसे में एंबुलेंस चालकों ने भागकर अपनी जान बचाई। लोग घायलों को निजी संसाधनों से औरैया एवं सैंफई आदि लेकर गए।