औरैया। पुलिस ने टप्पेबाजी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।
गिरोह नकली सोने की मालाओं को पुराने समय का असली खजाना बताकर लोगों को ठगता था। उनके पास से पुलिस ने चार किलोग्राम नकली जेवर और नकदी बरामद की है। पूछताछ के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें इटावा जेल भेज दिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने शनिवार को बताया कि कानपुर देहात स्थित थाना मंगलपुर के गांव हिसावां निवासी जितेंद्र कुमार ने 12 जनवरी को दिबियापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि पांच जनवरी को अज्ञात लोगों ने धोखाधड़ी कर नकली सोने की माला बेच दी है। एसपी अभिषेक भारती ने तीन टीमों को गठन कर वारदात का खुलासा करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार शाम अजमतपुर रोड स्थित ब्रह्मदेव मंदिर के पास पुलिस ने घेराबंदी कर तीन महिलाओं समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम हरियाणा के जनपद पलवल स्थित थाना कैंप के मोहल्ला मोहन नगर कॉलोनी निवासी भीम भाट, उनकी पत्नी पूनम बताया। इसके अलावा बाकी ने कानपुर देहात थाना गजनेर के गांव शंकरपुर निवासी गुलशन शर्मा, उनकी पत्नी देवली शर्मा और बुलंदशहर स्थित थाना खुर्जा की शिव कॉलोनी निवासी राजवती बताया।
इस मामले में पुलिस ने उनके पास से चार किलोग्राम वजन की नकली सोने की माला, सोने जैसे तार के बंडल, मोबाइल फोन और 24500 रुपये बरामद किए। इसके अलावा उनके पास माला बनाने की चिमटी, सुई और धागा भी मिला। मुख्य आरोपी भीम भाट के खिलाफ पहले भी इटावा में शस्त्र अधिनियम का मामला दर्ज है।
असली मोती दिखाकर फंसाते थे जाल में
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले मेलों, गल्ला मंडियों और सब्जी मंडियों में सीधे-सादे लोगों को निशाना बनाते थे। वह पीड़ित को विश्वास दिलाते थे कि उनके पास खुदाई में मिला राजा-महाराजाओं के समय का कीमती सोना है। विश्वास में आने के बाद वह नकली माला के साथ असली सोने का एक छोटा मोती रखते थे और ग्राहक को उसे सुनार से चेक कराने की चुनौती देते थे। जब मोती असली निकलता तो ग्राहक पूरी माला को असली मानकर लाखों रुपये में सौदा कर लेता था।