औरैया/दिबियापुर। वैसुंधरा में 200 करोड़ की 48 एकड़ जमीन के फर्जीवाड़े में 55 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से हड़कंप है। अब पुलिस राजस्व व चकबंदी के अभिलेखों का मिलान कर जांच करेगी।
इसके बाद आरोपियों की धरपकड़ होगी। उधर, रिपोर्ट दर्ज होने से परेशान आरोपी व रसूखदार पुलिस की जांच से बचने के लिए राजनीतिक आकाओं की चौखट पर दस्तक देने में जुट गए हैं।
वैसुंधरा में 48 एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद डीएम ने राजस्व विभाग को दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। जिस पर क्षेत्रीय लेखपाल अभिनय कुमार ने इस मामले में 55 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इससे आरोपियों की नींद खराब हो गई हैं। कई रसूखदार पुलिस से बचने के लिए भूमिगत हो गए हैं तो कुछ मामला रफा-दफा कराने के लिए नेताओं की परिक्रमा में जुट गए हैं।
उधर, पुलिस ने मामले की जांच के लिए राजस्व व चकबंदी विभाग से दस्तावेज मांगे हैं, लेकिन रविवार की छुट्टी की वजह से अभिलेख मिल नहीं पाए। सोमवार को उन्हें अभिलेख मिल जाएंगे। विभागीय जानकारों की मानें तो जांच में अभी कई नाम और बढ़ सकते हैं। विवेचक एनटीपीसी चौकी इंचार्ज सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार को अभिलेख उपलब्ध हो जाएंगे।
दिबियापुर प्रभारी निरीक्षक रुद्र नारायण त्रिपाठी ने बताया कि अधिकारियों के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हो गई है। राजस्व और चकबंदी विभाग से अभिलेख को लेकर दोनों का मिलान किया जाएगा। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।