संवाद न्यूज एजेंसी
फफूंद। क्षेत्र के दो गांवों में रविवार दोपहर दो झोपड़ियों में आग लग गई। इससे उनमें रखा दैनिक उपयोग का सामान जलकर राख हो गया। वहीं गांव जुआ में मवेशी भी बुरी तरह झुलस गए। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने पीडि़तों को आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की।
गांव जुआ निवासी तिलक सिंह मजदूरी करता है और परिवारीजनों के साथ एक झोपड़ी में रहता है। रविवार की दोपहर पत्नी धनदेवी के साथ वह खेत पर मजदूरी करने गया था। इसी दौरान झोपड़ी में आग लग गई। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पड़ोसी रामशंकर की झोपड़़ी को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों झोपडिय़ों में रखा दैनिक उपयोग का सामान जलकर राख हो गया।
पीड़ित तिलक सिंह ने बताया कि झोपड़ी में रखा तीन क्विंतल गेहूं, दो बोरी सरसों, गृहस्थी का सारा सामान, 11 क्विंटल भूसा जलकर राख हो गया है। रामशंकर ने बताया कि आग से उसकी दो बकरी और एक गाय बुरी तरह झुलस गए है। जानकारी पर पहुंचे लेखपाल भूपेंद्र पाल ने जांच की। साथ ही पीडि़त को शासन स्तर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
वहीं देवरपुर निवासी उदयवीर पुत्र रघुवीर सिंह के घर के छप्पर में रविवार की दोपहर अचानक आग लग गई। तेजी से बढ़ती आग को देख घर में मौजूद लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी थाना पुलिस को दी और आग बुझाने का प्रयास किया। किसी तरह मशक्कत कर ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झप्पर में रखा दैनिक उपयोग व गृहस्थी का सामान जलकर राख हो चुका था। ग्रामीणों ने आग की जानकारी तहसील प्रशासन दी और पीडि़त को आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की।