अमर उजाला ब्यूरो
पाता (औरैया)। ग्राम पंचायत तर्रई के मजरे में शुक्रवार को ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से खेतों में आग लग गई। देखते ही देखते चार बीघा खेतों पर गेहूं की फसल राख हो गई। गांव व आसपास क्षेत्र के लोगों ने मशक्कत से आग बुझाई। ज्यादा गर्मी के चलते आग बुझाने में तीन ग्रामीण बेहोश हो गए।
ग्राम पंचायत तर्रई के अंतर्गत दीदारपुर में सड़क किनारे नवाब सिंह की खेती है। नवाब सिंह के दो पुत्र नरेंद्र नायक व लाल सिंह नायक ने खेतों में गेहूं की फसल बोई थी। खेत में ही खंभे पर ट्रांसफार्मर लगा है। शुक्रवार को सुबह लगभग दस बजे ट्रांसफार्मर से चिंगारी खेत में गिरी। इससे खेतों पर खड़ी फसल में आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि इसकी लपटों और धुएं से आसपास गांव के लोग भी वहां पहुंच गए। किसानों और ग्रामीणों ने खेतों पर बाल्टी से पानी डालना शुरू कर दिया। किसी तरह उस पर काबू पाया लेकिन तब तक लगभग चार बीघा फसल जल गई। आग बुझाने में तीन ग्रामीण हरिवंश निवासी तर्रई, विकास निवासी दीदारपुर व माधव निवासी तैयबपुर बेहोश हो गए। कुछ देर बार उन्हें होश आया। फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने से पहले आग खत्म हो गई। आग से दोनों भाइयों के करीब सात क्विंटल गेहूं जल गए। मौके पर पाता चौकी इंचार्ज राजकुमार समेत लेखपाल भी पहुंचे और नुकसान का आंकलन किया।
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हवा का रुख बदलने से बचे अन्य खेत
गेहूं की फसल में लगी आग को बुझाने में हवा भी मददगार साबित हुई। अगर अचानक हवा का रुख नहीं बदलता तो जिस तरफ आग बढ़ रही थी वहां से सैकड़ों बीघा खेतों पर फसल खड़ी थी जो अभी कटने ही वाली है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क किनारे खड़े खंभे से चिंगारी गिरते ही आग पश्चिम की तरफ बढ़ी जहां काफी खेत थे। नवाब सिंह नायक के खेत जलने के बाद जब तक दूसरे खेतों का नंबर आता हवा का रुख बदल गया।